लोकसभा चुनाव 2019: 17 फीसदी उम्मीदवार दागी, ADR की रिपोर्ट…………

लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर 11 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव की तैयारियां जोरों पर है और राजनीतिक पार्टियां प्रचार-प्रसार में युद्धस्तर पर जुटी हुई है. पहले चरण के चुनाव में कई राजनीतिक दिग्गजों के साथ-साथ कई नए उम्मीदवार अपना किस्मत आजमा रहे हैं. इस चुनाव में भी मतदाताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि वे किस छवि, पृष्ठभूमि के और कैसे नेता को चुनकर वे देश के सबसे बड़े मंदिर यानी संसद में भेजते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार भी सियासी मैदान में आपराधिक पृष्ठभूमि के नेताओं की फेहरिस्त लंबी है. भले ही चुनाव से पहले दागी उम्मीदवारों को लेकर पार्टियां खूब बातें कर लें, मगर चुनाव के समय टिकट देने के वक्त यही पार्टियां इन बातों को ताक पर रख देती हैं. चुनाव और इससे जुड़ी चीजों पर नजर रखने वाली वेबसाइट एडीआर ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें पहले चरण के उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि का विश्लेषण किया गया है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पहले चरण के चुनाव में 17 फीसदी दागी उम्मीदवार मैदान में हैं.

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 1279 उम्मीदवारों में से 1266 उम्मीदवारों के शपथ-पत्र का विश्लेषण किया है, जो लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मैदान में हैं. 1266 उम्मीदवारों द्वारा दायर शपथ-ग्रण का विश्लेषण करने के बाद पाया गया है कि कुल 213 यानी 17 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, 146 उम्मीदवारों यानी 12 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. इतना ही नहीं, 12 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर दोषसिद्ध मामले घोषित किये हैं. इस पहले चरण के चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियों से 225 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, 553 निर्दलीय उम्मीदवार हैं और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों से हैं.

अगर पार्टी वाइज इन आंकड़ों का विश्लेषण करें तो एडीआर के मुताबिक, आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की संख्या कांग्रेस में बीजेपी से भी अधिक है. उम्मीदवारों द्वारा घोषित आपराधिक मामले में कांग्रेस आगे है. बीजेपी के 83 में से 30 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. यानी पहले चरण में बीजेपी के 36 फीसदी उम्मीदवार दागी हैं. वहीं, कांग्रेस के 83 में से 35 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो करीब 42 फीसदी है. यानी इस मामले में कांग्रेस बीजेपी से आगे है. वहीं, बसपा के 32 में से 8 (25 फीसदी) हैं.

अगर संगीन आपराधिक मामलों की बात करें तो यहां भी कांग्रेस, बीजेपी की तुलना में आगे है. यानी कांग्रेस में बीजेपी से ज्यादा ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. बीजेपी के 83 में से 16 (19 फीसदी) उम्मीदवारों के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं कांग्रेस के 83 उम्मीदवारों में से 22 (27 फीसदी) उम्मीदवारों के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं.

एडीआर ने राज्य वाइज भी उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों की पड़ताल की है. पहले चरण में जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां के उम्मीदवारों का विश्लेषण करने पर यह पाया गया है कि सबसे ज्यादा बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और लक्षद्वीप में दागी उम्मीदवार हैं. यानी इन चार राज्यों में 33-33 फीसदी उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. सबसे कम आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों के मामले में जम्मू-कश्मीर है, जहां महज 3 फीसदी उम्मीदवार ही दागी हैं.

 

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