मयंक अग्रवाल को पसंद है पबजी गेम, कहा- इससे मिलता है आराम

इंदौर
इंदौर के होल्‍कर स्टेडियम में अपने करियर का दूसरा दोहरा टेस्ट शतक लगाने वाले धुआंधार बल्लेबाज मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) ने शुक्रवार को अपने निजी जीवन के कई राज खोले. उन्‍होंने मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्‍हें पबजी गेम खेलना पसंद है. वे मैच खेलने के बाद रिलेक्स होने के लिए पबजी गेम खेलते हैं. मैच के बाद मयंक अग्रवाल काफी खुश नजर आए. उन्होंने अपने प्रशंसकों के साथ फोटो भी खिंचवाई. मयंक ने इंदौर टेस्‍ट (Indore Test)के दूसरे दिन 330 गेंद में 243 रन की पारी खेली. यह उनके टेस्‍ट करियर का दूसरा दोहरा शतक था. उनकी पारी के बूते भारत ने पहली पारी के आधार पर बांग्‍लादेश पर बड़ी बढ़त बना ली.

मैच के बारे में उन्‍होंने बताया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के सस्‍ते में आउट होने पर उन पर प्रेशर आ गया था. उन्‍होंने कहा, 'मैंने सोचा भी नहीं था कि मैं दोहरा शतक बनाऊंगा. मैंने सिर्फ अपने नेचुरल गेम पर ध्यान दिया और 243 रन की पारी खेली. हालांकि जिस बॉल पर मैं आउट हुआ उसका अफसोस बहुत हुआ क्योंकि वह इतनी अच्छी गेंद नहीं थी. खराब गेंद पर आउट होने से मुझे ज्यादा दुख हुआ. मैंने पूरे गेम के दौरान खराब गेदों पर अटैक किया और अच्छी गेंदो को संभलकर खेला.

मयंक अग्रवाल ने कहा कि कप्तान विराट कोहली ने उन पर पूरा विश्वास जताया. साथ ही चेतेश्‍वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे से उन्‍हें अच्‍छा सहयोग मिला. मयंक ने इंदौर की पिच को लेकर कहा, 'बैटिंग के लिहाज से होल्कर स्टेडियम की पिच अच्छी है. सुबह के वक्त तेज गेंदबाजों को पिच से अच्छी मदद मिल रही थी लेकिन जैसे ही धूप तेज हुई बल्‍लेबाज के लिए ये मददगार बनती गई. हालांकि हमारी टीम का हर खिलाड़ी किसी भी परिस्थिति में खेलने के लिए सक्षम है.'

होल्‍कर स्टेडियम में शुक्रवार को 30 दिव्यांग बच्चों ने भी टेस्ट मैच देखा. उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों की जमकर हौसला अफजाई की. ये बच्चे क्रिकेट मैच को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दिए. उन्होंने पूरे दिन मैच का आनंद लिया. दिव्यांगों को बैठने के लिए स्टेडियम में अलग से व्यवस्था की गई थी. उन्‍हें मीडिया बॉक्स के नीचे बैठाया गया था. एमपीसीए ने भी दिव्यांगों के लिए ऑफ लाइन टिकट बेचने की व्यवस्था की थी. पहले दिन 15 टिकट बिके थे लेकिन बाद में अधिकतर टिकट बिक गए.

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