अंतागढ़ उपचुनाव-खरीद-फरोख्त मामले में फिरोज का आॅडियो धमाका
रायपुर
अंतागढ़ खरीद फरोख्त मामले में वायस सेंपल देने के बाद स्टिंग आॅपरेटर फिरोज सिद्दिकी ने एसआईटी के सामने कई सनसनीखेज खुलासा किया है। सूत्रों के अनुसार फिरोज ने पुलिस को अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव के कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार की खरीद-फरोख्त की पूरी कहानी आॅडियो दी है जो कि प्रदेश के कई नेताओं के लिए परेशानी खड़े कर सकती है। मूल डिवाइस सौंपने आज फिरोज पंडरी थाना एसआईटी के समक्ष पहुंचे हुए थे। इसमें उन्होने अजीत जोगी,अमित जोगी,डा.रमनसिंह,राजेश मूणत,अरूण बिसेन,डा.पुनीत गुप्ता का जिक्र किया है। यह भी बताया है कि पैसा मंतूराम तक पहुंचा ही नहीं। डरा धमकाकर उससे नाम वापस करवा लियाय गया था।
फिरोज सिद्दीकी ने अपने दिए बयान में बताया कि वर्ष-2014 अगस्त में अंतागढ़ विधानसभा उपचुनाव में मंतूराम पवार को कांग्रेस ने टिकट दी। अमित जोगी और अजीत जोगी मंतूराम को टिकट देने के खिलाफ थे। जबकि मंतूराम अजीत जोगी के करीबी थे। मंतूराम पवार जितने वाले उम्मीदवार थे और इसका फायदा सीधे-सीधे तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को मिलता। अमित जोगी नहीं चाहते थे कि भूपेश बघेल का कद बढ़े। जब मंतूराम की टिकट फाइनल हो गई, तो दिल्ली में नार्थ एवेन्यू 85 में डायनिंग हॉल में खाना खाते अमित और अजीत जोगी आपस में चर्चा कर रहे थे कि क्यों न मंतूराम को चुनाव हरवा दिया जाए। चर्चा के बीच अमित ने सुझाव दिया कि ऐसा भी तो हो सकता है कि मंतूराम पवार चुनाव ही न लड़े। अजीत जोगी ने इस पर कहा कि इतना आसान नहीं है, वह जितने वाला प्रत्याशी है। अमित ने कहा कि कोशिश करते हंै। भाजपा से बात करते हैं। डॉ. रमन सिंह से डील करते हैं और मंतूराम के करीबी अमीन मेमन को इस काम में लगाते हैं। जोगी ने कहा कि अगर ऐसा हो जाए, तो बहुत अच्छा होगा।
अमित ने अमीन मेमन को फोन लगाकर दिल्ली आने बोला और उसी दिन शाम वाली फ्लाइट से अमीन मेमन दिल्ली आ गया। इसके बाद अमित जोगी ने, मेमन को पूरी योजना समझायी। अमीन मेमन ने मंतूराम को फोन लगाकर नार्मल बात की और फिर दूसरे दिन मिलने की बात कर मेमन रायपुर चला गया। इसके बाद अमित जोगी ने मुझसे डॉ. पुनीत गुप्ता से बात कर डॉ. रमन सिंह कहां है, इसका पता करने के लिए कहा।
पुनीत गुप्ता ने बताया कि वे विदेश में हैं, आंटी का इलाज कराने के लिए। इसके बाद पुनीत गुप्ता को फोन लगाकर दिया और अमित ने अजीत जोगी से फोन पर बात कराई। मैंने अपने मोबाइल में आॅटो वाइस रिकॉर्डिंग सुना तब पता चला कि साढ़े 7 करोड़ की डील की जा रही है। इसके बाद अमीन मेमन ने मंतूराम को तैयार कर लेने की खबर दी और बताया कि साढ़े 3 करोड़, निगम अध्यक्ष लालबत्ती और एक बंगला की मांग है। अमित ने पुनीत गुप्ता को साढ़े 3 करोड़ की जगह साढ़े 7 करोड़ बताया। साथ ही साथ यह कहा कि नाम वापसी के बाद ही रकम दी जाएगी। मुझे दिल्ली से रायपुर वापस भेज दिया गया।
अमित जोगी ने मुझसे अमीन मेमन के संपर्क में रहने कहा और पुनीत गुप्ता से चर्चा करने के लिए भी कहा। सिद्दीकी ने कहा कि नाम वापसी के ठीक पहले एक नया मोड़ आ गया। अमीन मेमन ने फोन पर उन्हें बताया कि मंतूराम पहले पैसा मांग रहा है और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से बात करना चाहता है। ये घटना सुबह 7 बजे की है फिर भी अमित ने पुनीत गुप्ता से बात करके मुख्यमंत्री से बात करवाने के लिए तैयार हो गया। मुझसे कहा कि तुम अपने मोबाइल से डॉ. रमन से बात करवा दो। अमीन मेमन से बात करके मैं कांकेर के लिए रवाना हुआ। उधर मंतूराम को लेकर अमीन आया और हम रास्ते में मिले। मैंने पुनीत गुप्ता के नंबर पर कॉल कर मंतूराम की बात मुख्यमंत्री से कराई। इसके बाद मंतूराम संतुष्ट होकर नाम वापस लेने के लिए कांकेर की ओर चले गए।
सिद्दीकी ने बताया कि मैं रायपुर आ गया। चूंकि राशि लेनी थी और नाम वापसी के बाद मंतूराम को दिया जाना था। पुनीत गुप्ता ने बताया कि राजेश मूणत के बंगले के सामने इंतजार करो और थोड़ी देर के बाद अमित का फोन आया। बंगले के अंदर गए। वहां मंत्रीजी अपने आॅफिस में बैठे थे। हमें बिठाया गया। थोड़ी देर बाद अरूण बिसेन दो हरे रंग के थैले में 2 करोड़ रूपए की बात कही। बाकी रकम के लिए इंतजार करने के लिए बोला गया। अमित जोगी शाम की फ्लाइट से रायपुर आ गया। मुझे बताया गया कि मंतूराम को वह रकम दे दी गई है, लेकिन मेरी अमीन से बात हुई, तो उसने बताया कि अमित ने रकम दिया ही नहीं है। मंतूराम ने बात कराया तो मंतूराम ने बताया कि मेरे साथ धोखा हुआ है। एसपी ने डरा धमकाकर नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया है। मैं नाम वापसी नहीं लेता। वह किसी तरह समय टालना चाहता था। डर गया था इसलिए नाम वापस लिया।
सिद्दीकी ने यह भी बताया कि 2 करोड़ की राशि छोडऩे के बाद 5 करोड़ फिर 50 लाख अमित जोगी के बंगले में मुख्यमंत्री निवास से रकम भेजी गई। हर बार राशि अरूण बिसेन द्वारा भेजा गया। ये सच है कि मंतूराम नाम वापसी में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पुनीत गुप्ता, अजीत जोगी, अमित जोगी और राजेश मूणत की अहम भूमिका रही है। उन्होंने यह भी बताया कि नाम वापसी के बाद मंतूराम को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में बुलवाया गया। नाम वापसी के कुछ दिन बात मंतूराम को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में बुलवाया गया। वहां डॉ. रमन सिंह की पत्नी को भर्ती रखा गया था। रात्रि 9 बजे मंतूराम की बैठक डॉ. रमन सिंह, पुनीत गुप्ता की उपस्थिति में चली। मैं वेटिंग हॉल में बैठा रहा। दोनों के बीच चर्चा हुई, यह मंतूराम ही बता सकते हैं। उनका मानना था कि भूपेश बघेल आगे चलकर खतरनाक साबित होंगे। इसलिए अजीत जोगी, अमित जोगी और रमन सिंह, भूपेश बघेल को नीचा दिखाने के लिए प्रयास करते रहे।
