BU भोपाल : व्यवस्था को सुधारने नई गाइड लाइन
भोपाल
बीयू में करीब आधा दर्जन एमपीपीएससी से चयनित असिस्टेंट रजिस्ट्रार को पदस्थ किया गया है। उन्हें अपने कार्य का कोई खास अनुभव नहीं हैं। इसके चलते कुलपति और रजिस्ट्रार कार्यालय से फाइल ओके होने के बाद नव नियुक्त एआर टीप लगा रहे हैं। इससे उनके अधिनस्त और वरिष्ठ अधिकारियों को फाइलों का निदान करने में ज्यादा परेशानी हो रही है। ये मुद्दा एकेडमिक काउंसिल की बैठक में चर्चित रहा है। इससे अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा लंबे समय तक फाइलें अटकाकर रखने का मुद्दा उठा। फाइलें अटकने से छात्रों, रिसर्च स्कॉलर व शिक्षकों सहित कॉलेजों के कार्य पेंडिंग पड़े रहते हैं।
नव नियुक्ति रजिस्ट्रार डॉ. बलराम भारती ने बीयू की बिगड़ी प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त 15 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है। इसमें छोटे कर्मचारी से लेकर असिस्टेंट रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रार तक कार्य व्यवस्था जमाने के लिए आदेशित किया गया है। यहां तक लेटलतीफी करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का उल्लेख तक किया गया है। इसके अनुसार कोई 5 दिन से अधिक किसी भी फाइल को अटकाकर नहीं रख सकता।
यदि किसी कारण से फाइल रुकती है तो उसका स्पष्ट कारण लिखना होगा। बाहरी व्यक्ति बीयू की फाइलें लेकर सत्य भवन में घूमते रहे हैं, जिस पर अब विराम लगेगा। यहां तक अधिकारी व कर्मचारी को सिर्फ नीले पेन का इस्तेमाल करने के साथ हिंदी का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
