पंचायतों की स्वकराधान और टैक्स की मानीटरिंग के लिए बनेगा पोर्टल

भोपाल
त्रिस्तरीय पंचायतों की स्वकराधान और टैक्स की मानीटरिंग के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एक एप और पोर्टल विकसित करेगा। इससे पूरे प्रदेशभर में मानीटरिंग की जाएगी। ग्वालियर जिला पंचायत ने इस दिशा में पहल करते हुए एक पोर्टल तैयार किया है। इसके जरिए जिले की सभी पंचायतों में स्वकराधान और टैक्स की आॅनलाईन मॉनीटरिंग की जाती है। इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश के सभी जिलों में अब टैक्स मानीटरिंग के लिए पोर्टल बनाया जाएगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पूरे प्रदेश में स्वकराधान को बढ़ावा देने के लिए एक  कोर कमेटी का गठन किया है जो अपनी रिपोर्ट पंद्रह दिन के भीतर देगी। इसके बाद पंचायत एक्ट और नियमों में भी इसके लिए संशोधन किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में परफारमेंस ग्रांट की समीक्षा भी इस एप के जरिए की जाएगी। इसके लिए 3 जिलों से कार्ययोजना के अनुसार प्रगति की जानकारी बुलाई गई है।

जिस तरह नगरीय निकायों में स्वकराधान की व्यवस्था निकायों के पोर्टल पर की गई है उसी तर्ज पर अब प्रदेश की ग्राम पंचायतों में भी गांवों में रहने वाले आम नागरिकों के लिए स्वकराधान की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए एनआईसी की मदद से एप और पोर्टल तैयार किए जाएंगे। आम नागरिक इस पोर्टल पर गांवों में स्थित अपनी आवासीय और व्यावसायिक सम्पत्तियों और जमीन की जानकारी डाल कर स्वयं उस पर लगने वाले कर का आंकलन कर सकेंगे। कर की जानकारी उन्हें आॅनलाइन मिलेगी और वे इसका भुगतान भी पोर्टल के जरिए आॅनलाइन कर सकेंगे। इससे पंचायतों को मिलने वाले टैक्स में भी तेजी आएगी और अधिक टैक्स समय पर मिल सकेगा।

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