वॉलमार्ट इंडिया में टॉप लेवर पर छटनी, 100 से ज्यादा को निकाला

मुंबई
घाटे में चल रही वॉलमार्ट इंडिया अपने स्टोर्स के बिजनस से जुड़े सीनियर एग्जिक्यूटिव्स में से लगभग एक तिहाई को हटाने जा रही है। ये गुरुग्राम में इसके हेडक्वॉर्टर में काम करते हैं। वॉलमार्ट को देश में कैश-ऐंड-कैरी बिजनस में कोई भविष्य नजर नहीं आ रहा और यह छटनी इस बिजनस को बेचने या फ्लिपकार्ट के बैक-एंड के साथ अपने कामकाज को मिलाने की शुरुआत हो सकती है। वॉलमार्ट ने 2018 में देश की टॉप ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल फ्लिपकार्ट को खरीदा था।

टॉप लेवल पर 100 से ज्यादा छटनी
वॉलमार्ट ने शुक्रवार को एक टाउनहॉल में सोर्सिंग, ऐग्री बिजनस और FMCG डिविजन से वाइस प्रेसिडेंट्स सहित 100 से अधिक सीनियर एग्जिक्यूटिव्स की छटनी के बारे में जानकारी दी। कंपनी की योजना मुंबई में फुलफिलमेंट सेंटर बंद करने की भी है। यह देश में इसका सबसे बड़ा वेयरहाउस है। यह देश में नए स्टोर भी नहीं खोलेगी। भारत में वॉलमार्ट को प्रॉफिट नहीं मिला है और देश में बिजनस शुरू करने के एक दशक बाद भी इसकी सेल्स ग्रोथ धीमी है।

सही रास्ते पर वॉलमार्ट!
सीनियर एग्जिक्यूटिव्स की छटनी या नए स्टोर नहीं खोलने को लेकर वॉलमार्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि कंपनी का कहना था कि वह भारत में ग्रोथ को लेकर प्रतिबद्ध है। वॉलमार्ट के प्रवक्ता ने कहा, 'हम हमेशा अधिक कुशलता से कामकाज करने के तरीके खोजते हैं। इसमें कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर की समीक्षा करने की जरूरत होती है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हम अपने कस्टमर्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए सही रास्ते पर हैं।'

You may have missed