MPPSC की परीक्षा में भील जनजाति पर किए एक सवाल पर उठा विवाद

भोपाल
MPPSC की परीक्षा में भील जनजाति को लेकर किए गए प्रश्न पर बवाल मच गया है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर जिम्मेदारों पर FIR दर्ज करने की मांग उठने लगी है.व्यापम घोटाले (VYAPAM SCAM) के व्हिसल ब्लोअर डॉ आनंद राय (ANANAD RAI) ने ट्वीट कर एट्रोसिटी एक्ट के तहत मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग MPPSC की सचिव रेणु पंत और लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के विरुद्ध नामजद एफ आई आर दर्ज करने की मांग की है. साथ में उन्होंने कहा इन जिम्मेदारों को तत्काल से बर्खास्त कर देना चाहिए.पंधाना विधायक राम डांगोरे ने कहा सरकार और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इस ग़लती के लिए मांफी मांगें.

MPPSC की परीक्षा में भील जनजाति को लेकर एक गद्यांश दिया गया था. इसी गद्यांश के आधार पर कई सवाल के उत्तर पूछे गए थे. इन्हीं सवालों और गद्यांश को लेकर बताया जा रहा है कि भील जनजाति का अपमान किया गया है.गद्यांश के आधार पर प्रश्न पूछा गया और बताया गया कि भील शराब के अथाह सागर में डूबती जा रही है. समाज के लोग गैर वैधानिक और अनैतिक कामों में संलिप्त हो जाते हैं. भीलों की आपराधिक प्रवृत्ति का कारण देनदारियों को पूरा नहीं करना है, भील की आर्थिक विपन्नता का कारण आय से अधिक खर्च करना है'.

भील एक निर्धन जनजाति है. इनका मुख्य व्यवसाय कृषि है. इसके अतिरिक्त खेतों में मजदूरी पशुपालन जंगली वस्तुओं का विक्रय तथा शहरों में भवन निर्माण में दिहाड़ी मजदूरी पर काम कर अपनी जीवन नैया चलाते हैं. भीलों की आर्थिक विपन्नता का एक मुख्य कारण आय से अधिक व्यय करना है. भील शराब के अथाह सागर में डूबती जा रही जनजातीय ऊपर से साहूकारों और महाजनों द्वारा दिए गए ऋण का बढ़ता ब्याज इस समंदर में बवंडर का काम करता है. जिसके कुचक्र से यह लोग कभी बाहर नहीं निकल पाते. भीलों की आपराधिक प्रवृत्ति का भी एक मुख्य कारण है कि सामान्य आय से अपनी देनदारियां पूरी नहीं कर पाते. फलत धन उपार्जन की आशा में गैर वैधानिक तथा अनैतिक कामों में भी लिप्त हो जाते हैं.

पंधाना विधायक राम डांगोरे ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से लेकर कमलनाथ सरकार तक पर निशाना साध दिया है.विधायक का आरोप है की प्रश्न पत्र के गद्यांश में जिस तरह से भील समुदाय के जीवन चक्र का उल्लेख किया गया है वह काफी शर्मिंदगी से भरा हुआ है. इतना ही नही इससे संबंधित जो वस्तुनिष्ठ प्रश्न दिए गए हैं. वो भी भील समुदाय को अपमानित करने वाला प्रश्न है. खुद परीक्षार्थी के रूप में शामिल विधायक ने इसके लिए कमलनाथ के साथ-साथ मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से भी मांफी मांगने की बात कही है.

कोचिंग क्लास चलाते हैं विधायकपेशे से शिक्षक पंधाना विधायक राम डांगोरे सुपर 30 के ही तर्ज पर पी.एस.सी.की कोचिंग चलाते हैं. विधायक ने कहा इस परीक्षा को देने का उनका मूल उद्देश्य मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के पैटर्न को देखना है. हालांकि विधायक ने साफ़ तौर पर कह दिया है की वो अब राजनीति के माध्यम से हीं जनता की सेवा करना चाहते हैं.