मकर संक्रांति पर दही चूड़ा भोज के बहाने जमकर चली सियासत

 पटना 
मकर संक्रांति पर दही चूड़ा भोज के बहाने बुधवार को पटना में जमकर सियासत चली। दोनों गठबंधनों के नेता जुटे तो अपने बयानों के जरिए राजनीतिक खिचड़ी भी पकाने की कोशिश की। चुनावी वर्ष को लेकर इस बार के चूड़ा दही भोज का खास महत्व रहा। जदयू, कांग्रेस और भाजपा के अलग-अलग भोज में बड़ी संख्या में दलों के नेता कार्यकर्ता जुटे।

जदयू प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह के यहां भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत एनडीए के तीनों घटक दलों- जदयू, भाजपा और लोजपा के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। भोज के बहाने एनडीए की एकजुटता भी दिखी। भाजपा एमएलसी रजनीश ने भी अपने आवास पर भोज दिया। इसमें भी सीएम, डिप्टी सीएम समेत भाजपा-जदयू के कई नेता पहुंचे। उधर, कांग्रेस ने सदाकत आश्रम में भोज का आयोजन किया। इसमें तेजस्वी, जीतनराम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा समेत महागठबंधन के घटक दलों के प्रमुख नेता पहुंचे। 

जदयू के दही-चूड़ा भोज में जुटे एनडीए नेता 
जदयू के दही-चूड़ा भोज में एनडीए के नेता और पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। मकर संक्रांति के मौके पर हुए इस भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत तमाम आला नेता पहुंचे और दही-चूड़ा के साथ-साथ तिलकुट का भी आनंद लिया। जदयू प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने अपने आवास पर भोज का आयोजन किया था। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के छोटे भाई रामचंद्र पासवान के निधन के कारण लोजपा के बड़े नेता की गैरमौजूदगी यहां पर खली। वहीं यहां दरभंगा के केवटी से राजद विधायक फराज फातमी की मौजूदगी चर्चा में रही।

भोज में पूरे प्रदेश से नेता-कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे थे। सभी ने दही-चूड़ा, चीनी और गुड़ के तिलकुट के साथ-साथ आलू गोभी की सब्जी का आनंद लिया। महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था की गई थी। दस बजे से ही भोज में लोग जुटने लगे थे, जो अपराह्न तीन बजे तक जारी रहा। मुख्यमंत्री यहां पर करीब 45 मिनट रहे। उनके पहुंचते ही नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे। तमाम नेताओं से मुख्यमंत्री मिले भी। सांसद आरसीपी सिंह, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, मंत्री नंदकिशोर यादव, कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, मंगल पांडेय, अशोक चौधरी, संजय झा,  नीरज कुमार, विधान पार्षद रणवीर नंदन, संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी मौजूद थे।

विस चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ चुनाव जीतेगा एनडीए
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल करेगी। इतिहास गवाह है कि जब-जब भाजपा-जदयू साथ चुनाव लड़ी है, विरोधियों का सफाया हुआ है। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव का आया परिणाम इसका उदाहरण है। वर्ष 2020 में होने वाले चुनाव में 2010 से भी अधिक सीटें हासिल होगी

भाजपा के विधान पार्षद रजनीश कुमार के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महागठबंधन जहां नेतृत्व के मुद्दे पर बंटा हुआ है वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्पष्ट कर देने के बाद एनडीए पूरी तरह से एकजुट है और आने वाले विधानसभा चुनाव में तीन चौथाई सीट पर जीत सुनिश्चित है। महागठबंधन जहां नेतृत्व सहित अन्य मुद्दों पर बिखराव का शिकार है वहीं एनडीए पूरी तरह से एकजुट है। आगामी बिहार विधान सभा चुनाव में भी एनडीए तीन चौथाई सीटों पर सफलता हासिल कर एक बार फिर सरकार बनाएगी।

राजद की यात्रा पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता कानून व एनआरसी पर एक वर्ग विशेष को डराकर अपना वोट बैंक बचाने के लिए राजद सीमांचल में यात्रा निकाल रहा है। दरअसल, राजद और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम में होड़ है। एनडीए विधानसभा में नागरिकता कानून व एनपीआर पर बहस के लिए तैयार है। किशनगंज विधानसभा सीट पर ओवैसी की पार्टी की जीत और विगत लोकसभा चुनाव में राजद के वोट बैंक के बिखराव के बाद एक वर्ग विशेष को डरा कर वोट बैंक बचाने के लिए राजद सीमांचल की यात्रा आयोजित कर रहा है। यात्रा का मकसद नागरिकता कानून का विरोध नहीं बल्कि वोट बैंक बचाने की घबड़ाहट है।

जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि नागरिकता कानून पर जदयू के स्टैंड को स्पष्ट कर दिया गया है। एनपीआर, नागरिकता नहीं जनसंख्या का रजिस्टर है जिसके लिए किसी से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। एनआरसी पर प्रधानमंत्री के स्पष्टीकरण के बावजूद कुछ लोग समाज में भ्रम फैला रहे हैं। दही-चूड़ा भोज में पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू सहित अन्य नेता मौजूद थे। 

कांग्रेस के भोज में जुटे महागठबंधन के दिग्गज
प्रदेश कांग्रेस द्वारा सदाकत आश्रम में मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। इस भोज के बहाने लंबे समय बाद एक मंच पर आए महागठबंधन नेताओं ने जदयू-भाजपा पर जमकर निशाना साधा। वहीं सभी ने एक साथ दही-चूड़ा और तिलकुट का आनंद भी लिया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा हमारी पार्टी ने अपने नेता का नाम बता दिया है, अब फैसला बाकी सहयोगी दलों को करना है। कहा कि मुख्यमंत्री को मानव शृंखला ही बनानी है तो बेरोजगारी पर बनानी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने मंगलवार को दही-चूड़ा भोज में पार्टीजनों के साथ ही महागठबंधन के तमाम नेताओं को भी आमंत्रित किया था। बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल भी इस आयोजन के लिए खास तौर पर यहां थे। सबसे पहले रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाह सदाकत आश्रम पहुंचे। उसके बाद वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी और फिर पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पहुंचे। तेजस्वी यादव करीब एक घंटा देर से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे।