अभिभाषण पर कृतज्ञता व्यक्त करते सीएम ने विपक्ष को घेरा
रायपुर
विधानसभा के विशेष सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संसद में यह विधेयक चूंकि पारित हो चुका था इसलिए विशेष सत्र बुलाने की बाध्यता थी ,इसके लिए सभी पक्षों से चर्चा भी हुई लेकिन विपक्षी दल ऐसा करेंगे उन्हे उम्मीद नहीं थी। हमने उस परम्परा का पालन किया किया है जिसमें जब भी नए कैलेंडर वर्ष में कोई सत्र आहूत होता है तो राज्यपाल का अभिभाषण होता है और वही हुआ है।
भूपेश बघेल ने कहा कि विपक्ष को सदन से वाक आउट करने का अधिकार है पर राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करने की परम्परा छत्तीसगढ़ में नहीं है। आज समझना होगा कि सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में बेचने की तैयारी की जा रही है। नगरनार, बाल्को और बीएसपी को भी बेचने की तैयारी की जा रही है। सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में देने से बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है। अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अवसर घटने लगा है। यह बेहद दुर्भाग्यजनक है जो लोग आरक्षण का विरोध कर रहे थे आज वही समर्थन की बात कर रहे हैं। यह किस मुंह से प्रशंसा कर रहे हैं, पिछली बार आहूत सत्र में हमने कहा था कि अगर आप गांधीजी की प्रशंसा कर रहे हैं तो स्वागत है, लेकिन गोडसे मुदार्बाद भी कहना चाहिए। तब किसी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला आज वही लोग संविधान की बात कह रहे हैं। यह कानून था इसलिए पारित किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगरीय निकाय चुनाव में ऐतिहासिक जीत के लिए प्रदेश की जनता को धन्यवाद दिया। अंत में उन्होंने विपक्ष को लेकर कहा कि विपक्षी सदस्य विरोध करके चले गए यह उनका अधिकार है लेकिन यह स्वस्थ परंपरा नहीं है।गौरतलब है कि राज्यपाल के अभिभाषण का भाजपा और जोगी पार्टी ने बहिष्कार कर दिया था।
