कमलनाथ सरकार के मंत्री ने सिंधिया के लिए दी पार्टी ‘डिनर डिप्लोमेसी’ ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी
भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष, राज्यसभा चुनाव और आने वाले नगरीय निकाय चुनाव के पहले कांग्रेस में एक और 'डिनर डिप्लोमेसी" ने पार्टी की सियासत गरमा दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सम्मान में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निवास पर आयोजित रात्रि भोज को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। सुर्खियों में रहे इस भोज में केवल मंत्री-विधायक ही आमंत्रित थे।
कांग्रेस में 'डिनर डिप्लोमेसी" का यह पहला अवसर नहीं था, इसके पहले स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट और विधायक आरिफ मसूद भी विधायकों को भोज देकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। करीब चार महीने बाद गुस्र्वार को भोपाल प्रवास पर आए सिंधिया के सम्मान में मंत्री राजपूत ने यह आयोजन किया था। राजपूत के निवास पर भोज में मुख्यमंत्री कमलनाथ के आने को लेकर देर रात तक अटकलें चलती रहीं। इसके पहले दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से हुई उनकी मुलाकात भी मीडिया की सुर्खियां बनी थी।
डिनर पार्टी में सबने लिया ज़ायका
मंत्री गोविंद राजपूत की दी इस डिनर पार्टी में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक सभी मंत्री मौजूद थे. इमरती देवी, प्रधुम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी, तुलसी सिलावट सभी यहां नजर आए. इनके साथ बीएसपी की राम बाई और निर्दलीय विद्यायकों ने भी सिंधिया के साथ भोज का आनंद लिया.
कमलनाथ सरकार के मंत्री रहे मौजूद
इस भोज में कमलनाथ सरकार के मंत्रियों में से गृह मंत्री बाला बच्चन, ऊर्जा मंत्री प्रिय व्रत सिंह, नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह, आदिम जाति कल्याण मंत्री ओमकार सिंह मरकाम, कृषि मंत्री सचिन यादव, प्रदीप जयसवाल, कमलेश्वर पटेल और कांति लाल भूरिया भी नजर आए. लेकिन इस डिनर पार्टी में मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, आरिफ अकील, सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी सहित अनेक बड़े नेता शामिल नहीं हुए. इस पर गोविंद सिंह ने कहा निजी काम के कारण ये सभी नेता पार्टी में शामिल नही हो सके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में सभी एकजुट हैं. बीजेपी का काम हर मामले में सिर्फ राजनीति करना है.
भूरिया से बोले- कड़कनाथ खिलाओ
सिंधिया ने राजपूत के निवास पर मौजूद वरिष्ठ नेता कांतिलाल भूरिया से हंसी-ठिठोली भी की। देखते ही बोले- आपको क्या कहूं? सांसद, विधायक अथवा मंत्री…। फिर उन्होंने शिकायती अंदाज में कहा कि आपने मुझे कभी झाबुआ नहीं बुलाया, अब जल्दी बुलाओ और कड़कनाथ सहित आदिवासियों के लोकप्रिय क्षेत्रीय आयटम भी खिलाओ।
