MP के पूर्व ADG राजेंद्र चतुर्वेदी को जेल भर्ती घोटाला में 5 साल की सजा
भोपाल
राजधानी भोपाल में 2003 में हुए जेल भर्ती घोटाले में पूर्व एडीजी जेल राजेंद्र चतुर्वेदी को जिला कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई है. इस मामले में 17 साल बाद फैसला आया. कोर्ट ने चतुर्वेदी पर जुर्माना भी लगाया है.
EOW को शिकायत मिली थी कि मध्य प्रदेश में जेल प्रहरी एवं लिपिक के पदों पर हुई भर्ती में भ्रष्टाचार हुआ है. आरोप था कि 16 लोगों से 13 लाख रुपए लिए गए थे. इस शिकायत पर EOW ने जांच शुरू की और फिर कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी. मामले की सुनवाई करते हुए EOW की स्पेशल कोर्ट ने तमाम गवाह, बयानों और सबूतों के आधार पर राजेंद्र चतुर्वेदी को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का दोषी माना और 5 साल की सजा सुना दी. उन पर 8.7 लाख का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट के सजा सुनाने के बाद आरोपी चतुर्वेदी को भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया गया.
ये है पूरा मामला
2003 में राजेन्द्र चतुर्वेदी जेल एडीजी थे. ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि चतुर्वेदी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी नौकरी देने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए लिए थे. उनके खिलाफ तमाम सबूत जुटाने के बाद 2006 में ईओडब्ल्यू (EOW) ने एफआईआर दर्ज की. जब चतुर्वेदी इस भ्रष्टाचार के मामले में फंसे तो उन्होंने कई लोगों को चेक के जरिए पैसे वापस भी किए. यह सबूत ईओडब्ल्यू (EOW) के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा. जेल विभाग में कई लोगों को बिना मार्किंग और बिना योग्यता के भर्ती दे दी गई थी.
