सांसद रीता बहुगुणा समेत छह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
लखनऊ
एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने धरना-प्रदर्शन के दौरान तोडफोड़ व पुलिस बल पर हमला करने आदि के एक आपराधिक मामले में गैरहाजिर रहने पर रीता बहुगुणा जोशी व अजय राय समेत छह अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। उन्होंने इनके साथ ही अभियुक्त राज कुमार लोधी, शैलेन्द्र तिवारी, शारिक अली उर्फ अमीर हैदर व पप्पू खां उर्फ अफसर अली खां के जामिनदारों को नोटिस भी जारी करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई एक फरवरी को होगी।
अदालती पत्रावली के मुताबिक इस मामले में निर्मल खत्री, प्रदीप माथुर, केके शर्मा, राजेश पति त्रिपाठी, राज बब्बर व प्रदीप आदित्य जैन भी अभियुक्त हैं। शनिवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान इन सभी अभियुक्तों की ओर से हाजिरी माफी की अर्जी दी गई थी। विशेष अदालत ने उनकी यह अर्जी इस शर्त पर मंजूर कर लिया कि अगली तिथि पर वे सभी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगे। विशेष अदालत का कहना था कि गत चार साल से इस मामले में आरोप तय नहीं हो पा रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के शीघ्र निस्तारण का आदेश दे रखा है।
क्या है मामला
17 अगस्त, 2015 को इस मामले की एफआईआर एसआई प्यारेलाल प्रजापति ने थाना हजरतगंज में दज कराई थी। उस रोज कांग्रेस पार्टी का लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन था। करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ अचानक ये सभी धरना स्थल से विधानसभा का घेराव करने निकल पड़े। इन्हें समझाने व रोकने का प्रयास किया गया लेकिन नहीं माने।
संकल्प वाटिका के पास पथराव हुआ, जिससे भगदड़ मच गई। इस हमले में एडीएम पूर्वी निधि श्रीवास्तव, एसपी पूर्वी राजीव मल्होत्रा, सीओ ट्रैफिक अवनीश मिश्रा, एसएचओ आलमबाग विकास पांडेय व एसओ हुसैनगंज शिवशंकर सिंह समेत पुलिस के कई अधिकारी व पीएसी के कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। अशोक मार्ग से आने व जाने वाले आम जनता को भी चोटें आईं। कई गाड़ियों के शीशे टूट गए।
25 दिसंबर, 2015 को विवेचना के बाद पुलिस ने इन सभी अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की कई गंभीर धाराओं व क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा में भी आरोप पत्र दाखिल किया।
