छतवई विद्यालय में घूमकड़ विमुक्त जाति का कार्यक्रम हुआ सम्पन्न

छतवई
 घुमन्तू एवं अर्द्ध घुमन्तू कल्याण एवं  पिछड़ा वर्ग विभाग के सौजन्य से आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छतवई में  विमुक्त जाति दिवस  के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।   

घुमक्कड़ वर्ग के छात्र, छात्राओं द्वारा फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियोगिता, चित्रकला आदि कार्यक्रम आयोजित किये गए। कार्यक्रम में घुमक्कड़ जाति जिला शहडोल के अध्यक्ष  मन्ना नायक,गडरिया पाल समाज के संभागीय अध्यक्ष कमलेन्द्र पाल,कुबरा पंचायत के सरपंच शेषमड़ी पाल, रामविशाल पाल,हीरालाला पाल,दिनेश पाल,नवल नायक, कृष्णा नायक,रत्ना नायक,राम नरेश पाल,भगवान दास पाल सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री आनंद राय सिन्हा, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग आशा द्विवेदी, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती अर्चना खरे सहित घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड वर्ग के  लोग  काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थें।

कार्यक्रम में   मन्ना नायक ने कहा कि घुमक्कड़ जातियां पौराणिक समय से  अस्थायी रूप से भ्रमण कर अपना जीवन यापन करती चली आ रही है।  वर्तमान में इनमें से कुछ जातियों ने  पढ़ लिखकर  स्थायित्व घर व  जमीन बना लिया है परन्तु  आज भी  इस वर्ग के कई लोग  घुमक्कड़ जीवन व्यतीत कर रहे है। उन्होंने ऐसे व्यक्तियों के  बच्चों की पढाई एवं  भविष्य पर शासन को विषेष रूप से ध्यान देने एवं  उन्हें  रोजगार देकर स्थायित्व प्रदान करने की बात कही। तो वंही गडरिया पाल समाज के संभागीय अध्यक्ष कमलेन्द्र पाल नें गडरिया समाज के इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी दी जो सराहनीय थी डॉक्टर वी . भी. सिंह नें देश वा प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत कर आरक्षण के सम्बन्ध में चर्चा की इस मौके पर सहायक आयुक्त ने कहा कि  सदियों से  हमारे देश में कुछ जातियां  अस्थायी तौर पर  घूम-घूमकर  अपना जीवन यापन कर रही है  उन्होंने बताया कि  देश में  कुल 51 प्रकार की  जातियां जिनमें सभी वर्ग के लोग शामिल है। विमुक्त घुमक्कड़ के रूप में चिन्हित किये गए है।

इस मौके पर नायक एवं बंजारा   सामुदाय के छात्र-छात्राओं द्वारा पौराणिक परिधान पहन कर फैन्सी ड्रेस आदि प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता निभाई। कार्यक्रम का संचालन  निधि शुक्ला ने किया।