अजय माकन व मल्लिकार्जुन खड़गे को सोनिया गांधी ने दिया आदेश, विधायकों से वन टू वन करें बात

नई दिल्ली
अशोक गहलोत कैंप से अधिकांश विधायकों ने इस्तीफा पेश कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को पार्टी आब्जर्वर मल्लिकार्जुन खड़गे व अजय माकन को निर्देश दिया है कि वे राजस्थान के विधायकों से वन टू वन बात कर समस्या का समाधान निकालें। इसके बाद दोनों ही आब्जर्वर करीब 90 विधायकों से मुलाकात करने वाले हैं जिन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा पेश कर दिया।

आल इंडिया कांग्रेस कमिटी आब्जर्वर ए माकन ने सोमवार को बताया, 'कांग्रेस विधायक प्रताप खचारियावास (Pratap Khachariyawas), एस धारीवाल व सीपी जोशी ने हमसे मुलाकात की और तीन मांगें रखीं। इसमें से एक 19 अक्टूबर के बाद राजस्थान में मुख्यमंत्री की नियुक्ति की जिम्मेवारी कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपनी है।'

उन्होंने आगे कहा, 'मल्लिकार्जुन खड़गे और मैं यहां AICC पर्यवेक्षकों के तौर पर बैठक के लिए आया । हम लगातार विधायकों से यही कह रहे थे कि जो नहीं आए उनसे एक-एक कर हम बात करने आए हैं। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री की अनुमति से रखी गई थी। कोई भी बात हो आप हमें कहें। कोई फैसला नहीं हो रहा है। जो आप कहेंगे वो बात हम दिल्ली जाकर कांग्रेस अध्यक्ष को बताएंगे।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए एक तरह से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं और उनका अगला अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है। इसके बावजूद असंतुष्ट खेमे के नेताओं में शामिल रहे शशि थरूर चुनावी मुकाबले में उतरने की तैयारी में हैं ।

वर्ष 2000 में आखिरी बार हुआ था चुनावी मुकाबला
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबला आखिरी बार वर्ष 2000 में हुआ था। तब सोनिया गांधी के खिलाफ जितेंद्र प्रसाद मैदान में उतरे थे और हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद हुए चुनावों में सोनिया गांधी तीन बार तो राहुल गांधी एक बार निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। इस तरह दो दशक से भी अधिक समय बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबला होने के प्रबल आसार हैं। 1997 में सीताराम केसरी के खिलाफ शरद पवार और राजेश पायलट मैदान में उतरे थे लेकिन केसरी के हाथों दोनों को मात मिली थी।