पोस्टमॉर्टम से खुला राज- फरीदाबाद में सूटकेस में मिला सिर कटा शव युवक का निकला, 3 महीने पहले हुई हत्या

फरीदाबाद

फरीदाबाद के अरावली के जंगल में मिले सिर कटे शव के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अभी तक जिस शव को पुलिस युवती का मानकर चल रही थी वह युवक का निकला। सोमवार को शव के टुकड़ों का पोस्टमार्टम होने के बाद यह खुलासा हुआ है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतक युवक की उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। उसकी हत्या करीब तीन महीने पहले की गई है। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस की जांच अब पूरी तरह पलट गई है। शव की पहचान के लिए पुलिस ने दोबारा से फरीदाबाद समेत दिल्ली-एनसीआर के सभी थानों को सूचना दी है। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जल्द मामले का खुलासा होगा।

दरअसरल, 24 नवंबर दोपहर सूरजकुंड थाना पुलिस को सूरजकुंड-पाली रोड स्थित एक निजी स्कूल से महज 200 मीटर की दूरी पर अरावली के जंगल में एक सूटकेट से एक सिर कटे शव कुछ हिस्सा मिला था। शव के हिस्से को सीमेंट वाले प्लास्टिक के कट्टे में रखकर सूटकेस में बंद किया गया था। सूटकेस में महिला के कपड़े बरामद हुए थे। ऐसे में पुलिस इसे किसी युवती का शव मानकर चल रही थी। इतना ही नहीं, इसे श्रद्धा हत्याकांड से भी जोड़ा जा रहा था। दिल्ली पुलिस ने मौके पर आकर शव के कुछ हिस्से जांच के लिए अपने साथ ले गई थी। साथ ही, पलवल पुलिस भी जून में हुई एक युवती की हत्या के मामले में शव की जांच के लिए पहुंची थी।

इधर, फरीदाबाद पुलिस ने दिल्ली पुलिस को जांच करने संबंधित फिर सूचना दी है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में दो-तीन माह पहले एक महिला ने अपने बेटे के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। साथ ही उसके शव को टुकड़े कर जगह-जगह फेंक दिए थे। दिल्ली पुलिस जांच के लिए आ सकती है।

सूटकेस से खुलेगा राज
जानकारी के अनुसार, पुलिस सूटकेस की भी जानकारी जुटा रही है। सूटकेस व उसके पास-पास मिले कपड़ों की भी जांच की जा रही है। देखा जा रहा है कि सूटकेट किस कंपनी की है। साथ ही उस कंपनी के सूटकेस दिल्ली एनसीआर में किस शोरूम व किस जगह पर ज्यादा बिकती हैं। कपड़े के ब्रांड आदि की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

हत्या कहीं और की गई
पुलिस की मानें तो प्रथम दृष्टया युवक की हत्या कहीं और की गई होगी। हत्या करने के बाद शव के टुकड़े-टुकड़े किए गए होंगे। इसके बाद अरावली के जंगल में फेंक दिया। पुलिस सूरजकुंड-पाली रोड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की तीन-चार माह पुराने फुटेज खंगालेगी। साथ ही आरोपी की पहचान करने की कोशिश करेगी। आरोपी की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में भी पूछताछ की जा रही है।

फिंगर प्रिंट की संभावना कम
जानकार की मानें तो सूटकेस पर फिंगर प्रिंट मिलने के आसार कम हैं। आशंका है कि सूटकेस तीन महीने से जंगल में पड़ा होगा। ऐसे में जंगल में जानवरों ने उसे छुआ होगा। इसके अलावा बारिश से भी फिंगर प्रिंट धुलने के आसार हैं। यही वजह है कि ऐसे में सूटकेस व उसके अंदर मिले कपड़ों से फिंगर प्रिंट के मिलने के आसार कम ही हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिंक टीम शव के पास से मिले कपड़े, सूटकेस आदि की जांच कर रही है। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद मधुबन लैब भेज दिया गया है।

ब्लाइंड मर्डर की तरह जांच
हरियाणा पुलिस के रिटायर्ड एसीपी दर्शन लाल मलिक ने बताया कि पुलिस किसी भी ब्लाइंड मर्डर की जांच साइंटिफिक तरीके से करती है। पुलिस की कोशिश रहती है कि ब्लाइंर मर्डर मामले में मिले शव का पोस्टमॉर्टम अनुभवी डॉक्टर से कराया जाए। जांच पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी निर्भर रहता है। रिपोर्ट में मौत की पुष्टि के बाद पुलिस की जांच उस दिशा में जाती है। फरीदाबाद पुलिस भी इस मामले में जांच साइंटिफिक तरीके से कर रही होगी।

मनोविकृति में करते हैं वारदात
एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंकुर सचदेवा ने बताया कि यह एक मनोविकृति होती है। लोग सोशल मीडिया पर भी वारदात संबंधित वीडियो आदि देखते हैं। इस तरह की हत्या को अंजाम देने वाले आरोपियों के बचपन में परिवार का माहौल भी अच्छा नहीं रहा होगा। इस तरह के वारदात को रोकने के लिए लोगों में जागरूक होने जरूरत है।
 

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