प्रदेश की जेलों में प्रथम श्रेणी के 60%, द्वितीय श्रेणी के 40%, तृतीय श्रेणी के 15% पद रिक्त

भोपाल

प्रदेश की जेलों में अफसरों और कर्मचारियों की पदस्थापना का यह हाल है कि सात हजार में से 11 सौ से ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं। इसमें प्रथम श्रेणी के अफसरों के ही 60 फीसदी पदों पर कोई अफसर पदस्थ नहीं हैं। द्वितीय श्रेणी के अफसरों के 40 फीसदी पद खाली पड़े हुए हैं। जबकि तृतीय श्रेणी के 15 फीसदी पद रिक्त हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश के जेलों में प्रथम श्रेणी के 22 पद स्वीकृत हैं, इनमें से 13 पद रिक्त हैं।

हालत यह है कि डीजी जेल, वरिष्ठ विधि अधिकारी और कार्यपालन यंत्री के पद जितने स्वीकृत हैं उतने भरे हुए हैं। जबकि अतिरिक्त महानिदेशक एवं महानिरीक्षक जेल का एक पद खाली हैं। इसी तरह अतिरिक्त जेल महानिरीक्षक का भी एक ही पद है, वह भी रिक्त पड़ा हुआ है। जेल उप महानिरीक्षक के चार पदों में से सिर्फ दो पद ही भरे हुए हैं। जबकि जेल उप महनिरीक्षक विधि का एक पद है, वह खाली है। केंद्रीय जेल अधीक्षक के 12 में से आधे ही पद भरे हुए हैं। जबकि 6 पद खाली हैं।

जिला जेल अधीक्षक के आधे से ज्यादा पद खाली
प्रदेश में जिला जेल अधीक्षकों के 41 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 19 ही अफसर जेल के पास हैं। जबकि 22 पद खाली पड़े हुए हैं। वहीं उप जेल अधीक्षक के 78 पदों में से 27 रिक्त पड़े हुए हैं। जबकि उप संचालक वित्त, साहायक संचालक वित्त, सहायक यंत्री के सभी पद रिक्त हैं। बंदियों का इलाज करने वाले चिकिल्सा अधिकारियों के तीस फीसदी पद रिक्त हैं। प्रदेश की जेलों में इनके लिए 58 पद स्वीकृत हैं। इनमें से सिर्फ 41 पद ही भरे हुए हैं। बाकी के पद खाली खाली हैं।

वही तृतीय श्रेणी के 6 हजार तीन सौ 67 दमें से 1004 पद खाली पड़े हुए हैं। जिसमें सहायक जेल अधीक्षक के 115 पद खाली हैं।