उपभोक्ता जागरूक रहे और अपना बचाव करें – अध्यक्ष जिला उपभोक्ता फोरम

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस संपन्न
रीवा

उपभोक्ताओं को जागरूक करने, उनके अधिकारों की जानकारी देने तथा उपभोक्ताओं के संरक्षण के लिए विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस आयोजित किया जाता है। उपभोक्ता जागरूक हो बाजार में ठगे जाने से अपना बचाव करें इसके उपरांत भी यदि वे व्यापारियों की ठगी का शिकार होते हैं तो ई-दाखिल से जिला उपभोक्ता फोरम में अपना प्रकरण भेजे। प्रकरण भेजते समय क्रय की गयी सामग्री का बिल अपनी पहचान को अपलोड कर प्रकरण प्रेषित करें। जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा 5 लाख रूपये तक की क्षतिपूर्ति पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। 5 लाख से ऊपर की क्षतिपूर्ति पर निर्धारित शुल्क लिया जाता है। उक्त आशय की जानकारी जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष श्री सुदीप श्रीवास्तव ने दी। वे आज विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर उपभोक्ताओं और अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ने कहा कि उपभोक्ता फोरम द्वारा ग्राहक एवं व्यापारी के सामंजस्य से प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। इसके साथ ही ठगी के शिकार हुए उपभोक्ताओं को सहायता देने के लिए 10 मध्यस्थ नियुक्त किये गये हैं। मध्यस्थता कार्यवाही से उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि बाजार में कोई भी सामग्री क्रय करने के दौरान ग्राहक अनिवार्य रूप से दुकानदार से बिल लें। बिल न लेने पर उपभोक्ता फोरम कार्यवाही नहीं कर पायेगा। उन्होंने कहा कि फोरम द्वारा ग्राहक से व्यक्तिगत संपर्क कर सूचित किया जाता है कि प्रकरण दायर करने के दौरान कौन-कौन से अभिलेख लेकर आये। वे व्यापारी से बात करें। फोरम द्वारा जारी की गयी आदेश की प्रति दोनों पक्षकारों को नि:शुल्क भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो यदि उसे कोई क्षति उठानी पड़ी है तो उसे उपचार के बारे में जानकारी दी जाय।

उपभोक्ता उत्थान एवं जनकल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह बघेल ने कहा कि आधुनिक युग में मीडिया की चकाचौध एवं विज्ञापनों के भरमार से उपभोक्ता दिगभ्रमित है कि वह शुद्ध रूप से कौन सी सामग्री खरीदे। जो भी व्यापारी सामग्री बेच रहा है वह उपभोक्ताओं को पूरी तरह से लूट रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियां 30-30 करोड़ रूपये के विज्ञापन जारी कर उपभोक्ताओं को ठगी का शिकार बनाते हैं। आवश्यक है कि गांव-गांव में जाकर उपभोक्ताओं के हित की बात करें उपभोक्ता व्यहारिक बनें। विज्ञापन की चकाचौध में न फसे तथा वास्तविक सामग्री ही क्रय करें। बड़े-बड़े ब्राांड में न फसकर अपने लिए मूल्य आधारित सामग्री क्रय करें। आज हम पूरी तरह से बाजार पर आधारित हो गये हैं। कंपनियां जिन सामग्रियों का निर्माण कर रही हैं वहीं हम खरीद कर ले आते हैं। हम अपने अधिकारों को पहचाने और क्रय की जाने वाली सामग्री की पूरी जानकारी प्राप्त कर ही क्रय करें तथा अनिवार्य रूप से व्यापारी से बिल ले। अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान समिति के अध्यक्ष आनंद मिश्रा ने कहा कि अपने अधिकारों के प्रति उपभोक्ता जागरूक नहीं है। ठगी का शिकार होने पर उसे यह नहीं मालुम नहीं कि कहा आवेदन देना है। अशुद्ध सामग्रियों एवं खाद्य पदार्थों की जांच के लिए प्रयोगशाला भोपाल में है जबकि इसे रीवा में होनी चाहिए।

कार्यक्रम में जिला उपभोक्ता फोरम की सदस्य कंचन अवधिया, डिप्टी कलेक्टर संजीव पाण्डेय, जिला खाद्य नियंत्रक ओपी पाण्डेय, सेवानिवृत्त खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी महेन्द्र त्रिपाठी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुभाष द्विवेदी, उप संचालक कृषि यूपी बागरी, जिला सशक्तीकरण अधिकारी आशीष द्विवेदी सहित जिला अधिकारी एवं उपभोक्ता उपस्थित थे।