बिलासपुर में रील बनाते में छज्जे से गिरकर स्टूडेंट की हुई मौत

बिलासपुर
बिलासपुर के साइंस कॉलेज की छत से गिरकर एक छात्र की मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ इंस्टाग्राम के लिए रील्स बनवा रहा था। दैनिक भास्कर की टीम ने स्टूडेंट को अपनी आंखों के सामने गिरते देखने वाले दोस्तों से बात की। उन्होंने बताया कि वो वीडियो बनवाने से पहले छत की स्लैब पर कूद गया और वजन आजमाने लगा।

दोस्तों ने उसे मना किया, बहुत समझाया पर वह नहीं माना। वह छत से नीचे कूदते समय का वीडियो बनवाना चाह रहा था। तभी उसका पैर स्लैब से फिसल गया और सीधे 20 फीट नीचे जमीन पर जा गिरा। इस घटना से घबराए दोस्त दौड़ते-भागते पहले नीचे गए। तब तक छात्र बेहोश पड़ा था। उसकी मौत से पहले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह दोस्तों का हाथ पकड़कर स्लैब में कूदकर अपना वजन आजमा रहा है।

जांजगीर-चाम्पा जिले के सरखो निवासी आशुतोष साव पिता रविशंकर (20) अशोकनगर में किराए के रूम में रहता था। वह साइंस कॉलेज में बीसीए सेकेंड ईयर का छात्र था। रोज की तरह वह शुक्रवार को वह कॉलेज गया था। दोपहर करीब तीन बजे क्लासेस होने के बाद वह अपने दोस्त सुमीत पांडेय, सिद्धांत यादव, वैभव कौशिक, रोशन कश्यप और सिम्मी साहू के साथ टहलते हुए कॉलेज की छत में चढ़ गया।

दो मंजिला छत में चढ़ने के बाद आशुतोष को अचानक रील्स बनाने का ख्याल आया। वो छत से तीन फीट नीचे खिड़की के स्लैब में कूद गया और अपना वजन आजमाने लगा। उसे ऐसा करते देख दोस्तों ने मना भी किया। लेकिन, वह वीडियो बनवाने पर अड़ा रहा।

दोस्त बोले- हमने बहुत मना किया, पर वो नहीं माना
इस घटना के समय छत पर आशुतोष के साथ मौजूद सुमित पांडेय और सिद्धांत यादव ने बताया कि हम लोग कॉलेज परिसर में टहल रहे थे, तभी छत में जाने का गेट खुला था। जिसे देखकर हम लोग ऊपर चले गए।

छत में चढ़ने के बाद आशुतोष ने कूदते हुए वीडियो बनाने के लिए बोला। छात्रों ने बताया कि पहले हमने उसे मना किया, पर वह नहीं माना। उसने स्लैब में उतर कर आजमाया, उस समय हम लोग वह गिर न जाए इसलिए उसका हाथ पकड़े हुए थे।

इसके बाद वह स्लैब से छत में आ गया और कूदते हुए वीडियो बनाने के लिए बोला। छत से स्लैब में कूदते ही उसका पैर फिसल गया और गिर गया। उस समय वीडियो बना रहे छात्र दूर थे। जैसे ही आशुतोष जमीन पर गिरा, छात्रों ने अपना मोबाइल बंद किया और दौड़ते हुए नीचे गए, जहां झाड़ियों के बीच आशुतोष बेहोश पड़ा था।