सरकार और कर्मचारियों में बढ़ा टकराव, चेतावनी- काम पर नहीं लौटे तो और भी कर्मी होंगे बर्खास्त

लखनऊ
 यूपी सरकार की सख्ती के बाद भी बिजली हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है। सरकार और आंदोलनरत कर्मियों के बीच टकराव बढ़ गया है। सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कुल 1332 संविदा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया, जबकि छह कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। 22 कर्मियों के खिलाफ आवश्यक अनुरक्षण कानून 'एस्मा' के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। बिजली आपूर्ति में बाधा पहुंचाने व एस्मा के तहत कुल 29 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।सरकार ने साफ तौर कहा कि कर्मी काम पर वापस लौटें, अन्यथा और संविदा कर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा, जबकि सेवारत कर्मियों के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। सरकार की कार्रवाई के बाद हड़ताली बिजली कर्मी और उग्र हो गए। हड़ताल का नेतृत्व कर रही विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा कि तय समय सीमा में बिजली कर्मी सांकेतिक हड़ताल पूरी करेंगे, अगर उन्हें गिरफ्तार करने के साथ अन्य दमनात्मक कार्रवाई हुई तो आरपार की लड़ाई शुरू करते हुए जेल भरो आंदोलन करेंगे। स्थानीय फाल्ट के कारण प्रदेश भर में बिजली संकट रहा।
 
हड़ताल किसी भी रूप में स्वीकार नहींः एके शर्मा
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि जनविरोधी बिजली हड़ताल किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजली हड़ताल न करने के हाईकोर्ट के आदेश को न मानना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने संविदा कर्मियों को हड़ताल से वापस आने की अपील करते हुए कहा कि आउटसोर्सिग कर्मियों की नौकरी परमानेंट नहीं होती। नौकरी आसानी से नहीं मिलती है। कहा कि बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग पास अभ्यर्थियों की शीघ्र भर्ती की जायेगी।
 
लाइनों को नुकसान पहुंचा रहे कर्मियों पर होगी कार्रवाई ः एके शर्मा
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रदेश की बिजली उपलब्धता वर्तमान में 28,000 मेगावाट है, जबकि मांग अभी इसकी आधी ही चल रही है। आपूर्ति व माग में कोई समस्या नहीं है। कुछ जिलों में आंधी तूफान व बारिश से आपूर्ति प्रभावित हुई है जिसे ठीक किया जा रहा है। हड़तालियों व असामाजिक तत्वों द्वारा कुछ जगहों पर विद्यु संयंत्रो, लाइनों, फीडरों, सबस्टेशन, हाइटेंशन लाइन को क्षतिग्रस्त किया गया है। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर दंडित किया जाएगा।
 

गिरफ्तारी हुई तो करेंगे जेल भरो आंदोलन: शैलेंद्र दुबे
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि बिजलीकर्मी शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। लाइनों व उपकेंद्रों को नुकसान पहुंचाने का आरोप गलत है। चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलनरत बिजली कर्मियों को • गिरफ्तार किया गया या बर्खास्तगी की गयी तो ऊर्जा निगमों के तमाम कर्मचारी, अभियंता और संविदा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे और पूरे प्रदेश में सामूहिक जेल भरो आंदोलन शुरू होगा।

सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच वार्ता विफल
देर रात ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की हडताली कर्मियों से वार्ता चली लेकिन कोई हल नहीं निकला और वार्ता विफल हो गई। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोपहर में ऊर्जा मंत्री और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में स्थिति का जायजा लिया और हड़ताली कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जल निगम का समर्थन
वहीं बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को शनिवार को जल निगम का भी समर्थन मिल गया है। जलसंस्थान कर्मचारी महासंघ के ओर से पत्र जारी कर कहा गया है कि हम ऊर्जा मंत्री से अपील करते हैं कि कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करते हुए हड़ताल को समाप्त करने का कष्ट करें। अन्यथा यूपी जलसंस्थान कर्मचारी महासंघ इस हड़ताल का समर्थन करेगा।