सचिन तेंदुलकर ने पूरा किया ‘अर्धशतक’, उनके रिकॉर्ड आज भी हैं बेजोड़

नई दिल्ली
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आज यानी 24 अप्रैल 2023 को एक अर्धशतक पूरा कर लिया कर लिया है, जो शायद उनके करियर का सबसे बेहतरीन अर्धशतक रहा होगा। ये अर्धशतक मैदान पर नहीं, बल्कि उन्होंने इस दुनिया में पूरा किया है। सचिन तेंदुलकर आज 50 साल के हो गए हैं। करीब 10 साल पहले क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कहने वाले सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड आज भी अटूट हैं।

क्रिकेट के खेल के सबसे महान खिलाड़ी के रूप में जाने-जाने वाले सचिन तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को बॉम्बे (अब मुंबई) में हुआ था। 5 फीट 5 इंच के छोटे कद वाले सचिन का नाम क्रिकेट के खेल में सबसे बड़ा रहा। सचिन आज भी दुनिया के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड भी सचिन तेंदुलकर के ही नाम है। टेस्ट और वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेलने के मामले में भी सचिन तेंदुलकर विश्व के नंबर वन खिलाड़ी हैं।

दाएं हाथ के बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 34357 रन बनाए हैं। उनके बाद दूसरे नंबर पर जो खिलाड़ी हैं, उनके रनों की संख्या 28016 है। ये श्रीलंका के कुमार संगकारा के आंकड़े हैं। इस तरह 6 हजार से ज्यादा रनों का अंतर दोनों के रनों में है। इसके अलावा मौजूदा समय में विराट कोहली ही एकमात्र एक्टिव क्रिकेटर हैं, जिन्होंने 25 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं। हालांकि, सचिन के इस रिकॉर्ड को तोड़ना उनके लिए हाल-फिलहाल में नामुमकिन है।
 
वहीं, अगर सबसे ज्यादा शतकों की बात करें तो सचिन दुनिया के एकमात्र क्रिकेटर हैं, जिन्होंने 100 शतक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जड़े हैं। दूसरे नंबर पर इस लिस्ट में विराट कोहली हैं, जिन्होंने अब तक 75 शतक क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में जड़े हैं। इसके अलावा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 463 मैच और टेस्ट क्रिकेट में 200 मैच खेलने का विश्व रिकॉर्ड भी सचिन के ही नाम है, जिसे तोड़ना इस समय लगभग नामुमकिन है, क्योंकि भी एक्टिव क्रिकेटर इसके आस-पास नहीं है।

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को वह समय भी देखा पड़ा, जब मीडिया में साल 2006 में उनको लेकर तमाम आर्टिकल छपे कि उनका करियर खत्म हो चला है। हालांकि, सचिन हार मानने वाले खिलाड़ी नहीं थे। उन्होंने देख के लिए वर्ल्ड कप जीतने की ठान रखी थी। साल 2003 में ऐसा नहीं हुआ था और साल 2007 में भी टीम खिताब से दूर रही। हालांकि, साल 2011 में भारत ने खिताबी जीत हासिल की और सचिन का सपना भी पूरा हो गए। इसके ढाई साल बाद उन्होंने संन्यास लिया था। सचिन के नाम एक वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने 2003 के विश्व कप में 673 रन बनाए थे।