किसान आंदोलन पर बोले कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा- ‘कुछ मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत की जरूरत’

नई दिल्ली/रांची.

केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा किसानों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि किसानों के साथ किसानों के मुद्दे पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। किसानों को समझाया गया है कि चर्चा के जरिए हल निकाला जाएगा। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमने उन्हें बताया है कि केवल चर्चा से ही इस मामले का हल निकाला जाएगा। हमें एक साथ मिलकर हल निकालना चाहिए, जिससे की ये सबसे लिए लाभदायक हो। मुझे उम्मीद है कि एकसाथ हम हल निकाल लेंगे।"

    #WATCH | Union Agriculture Minister Arjun Munda arrives in Ranchi, Jharkhand. On farmers' protest, he says, "Several rounds of discussions have been held with farmer organisations over farmers issue. We have told them we will find a solution through discussions because issues… pic.twitter.com/upovr63ZkW
– ANI (@ANI) February 22, 2024

किसानों के हित में काम करने को सरकार प्रतिबद्ध: अर्जुन मुंडा
किसानों के दिल्ली कूच को लेकर अर्जुन मुंडा ने कहा, "मैं कहना चाहूंगा कि किसानों के साथ कई दौर की बातचीत हुई। कुछ मुद्दों की सहमति के लिए दोनों पक्षों को और मेहनत करनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार किसानों के हित में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है और वह ऐसा ही कर रही है।"

    #WATCH | Ranchi, Jharkhand | On a two-day stay on farmers' march towards Delhi, Union Agriculture Minister Arjun Munda says, "I would like to say that meaningful talks have been held in the several rounds of discussions with farmers. But more hard work will have to be put in by… pic.twitter.com/h7RoeCGUDM
– ANI (@ANI) February 22, 2024

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा था कि पंजाब-हरियाणा सीमाओं पर प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा उठाई गई मांगों से निपटने के दौरान देश भर के किसानों के हित को ध्यान में रखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने किसानों से अपील की थी कि वे चर्चा के एक और दौर के लिए आएं।

हिंसक हुआ किसान आंदोलन
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आठ दिनों से शंभू और दातासिंह वाला बॉर्डर पर डटे किसानों ने बुधवार सुबह दिल्ली कूच का प्रयास किया। जवाब में हरियाणा पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले बरसाए और रबड़ की गोलियां भी चलाईं। दातासिंह वाला बॉर्डर पर दो किसान गोली लगने से जख्मी हो गए, जिनमें से बठिंडा के गांव बल्लोंके के युवा शुभकरण (23) की मौत हो गई। दूसरे किसान संगरूर के नवांगांव के प्रीतपाल सिंह को भी गंभीर चोट आई है। उसे रोहतक पीजीआई में भर्ती किया गया है।