ED ने CEO रविंद्रन को भेजा नोटिस, Byju’s की मुश्किलें और बढ़ी

नई दिल्ली

 Byju’s के फाउंडर रवींद्रन की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) से संकटग्रस्त एडटेक फर्म बायजू के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन (Byju’s Founder and CEO) के खिलाफ एक संशोधित लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने का अनुरोध किया है। केंद्रीय एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में बीओआई से संपर्क किया और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि रवींद्रन देश के भीतर ही रहें।

ED के कोच्चि कार्यालय के अनुरोध के बाद, डेढ़ साल पहले रवींद्रन के खिलाफ ‘सूचना पर’ एलओसी जारी की गई थी। हालांकि, बाद में जांच एजेंसी के बेंगलुरु कार्यालय में ट्रांसफर कर दी गई। लुक-आउट सर्कुलर के तहत इमिग्रेशन अधिकारियों को किसी व्यक्ति के देश छोड़ने से पहले या विदेश यात्रा की योजनाओं के बारे में जांच एजेंसी को बताना होता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, ईडी का बेंगलुरु कार्यालय, जो वर्तमान में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन की जांच कर रहा है, ने हाल ही में रवींद्रन को देश छोड़ने से रोकने के लिए एक नई एलओसी जारी करने का अनुरोध किया है। रवीन्द्रन कथित तौर पर पिछले तीन वर्षों से दिल्ली और दुबई के बीच यात्रा कर रहे हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में उन्हें बेंगलुरु और दिल्ली का दौरा करते हुए देखा गया था। रवीन्द्रन ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि वह फिलहाल दुबई में हैं और कल सिंगापुर जाने की योजना बना रहे हैं।

डटेक कंपनी Byju’s की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही है. प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कंपनी के CEO रविंद्रन को लुक आउट नोटिस भेजा है. यानी रविंद्रन को भारत से बाहर जाने के लिए जांच अधिकारी को इसकी जानकारी देनी होगी. न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से इसकी जानकारी सामने आई है. बता दें कि पिछले साल नवंबर में भी सरकारी एजेंसी ने बायजू की पैरेंट कंपनी Think & Learn Private Limited को कारण बताओ नोटिस भेजा था

बायजू पर लगातार कस रहा सिकंजा

ED ने बायजू की पैरेंट कंपनी Think & Learn Private Ltd और रविंद्रन पर नवंबर, 2023 में FEMA के तहत मामला दर्ज किया था. मामला 9,362.35 करोड़ रुपए का है. सरकारी एजेंसी ने कहा कि वह कंपनी को मिले कई विदेशी इनवेस्टमेंट की जांच कर रही. प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी ने बताया था कि Byju’s की पैरेंट कंपनी ने भारत के बाहर पैसा भेजा और विदेशों में निवेश किया है, जो कथित तौर पर FEMA, 1999 के प्रावधानों का उल्लंघन था. इससे केंद्र सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ था.
सरकारी एजेंसी की रडार पर बायजु

ED ने Think and Learn Private Limited और रविंद्रन के घर पर पिछले साल 27 और 28 अप्रैल को सर्च किया था. इसके तहत कुछ दस्तावेजों को भी जब्त किया था. साथ ही रविंद्रन का बयान भी रिकॉर्ड किया था.

कंपनी से रविंद्रन को हटाने की मांग

कंपनी के शेयरहोल्डर्स जनरल मीटिंग कर रविंद्रन को बोर्ड से हटाकर नए बोर्ड का गठन करना चाहते हैं. हालांकि, कर्नाटक हाई कोर्ट से रविंद्रन को थोड़ी राहत मिली. कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक मीटिंग में लिया गया कोई भी फैसला अमान्य होगा.

गर्दिश में बायूज के सितारे

कभी स्टार्टअप के पोस्टरबॉय रहे बायजू रविंद्रन की एडटेक कंपनी Byju’s इन दिनों अपने सबसे बुरे दिनों से गुजर रही. पिछले साल भारी भरकम घाटे के चलते वैल्युएशन में करीब 90 फीसदी की गिरा. फिर प्रमुख निवेशकों ने हाथ पीछे कर लिया, जिसमें US ग्रोथ इक्विटी फर्म General Atlantic और Chan Zuckerberg शामिल हैं. इसके अलावा ऑडिटर Deloitte ने भी इस्तीफा दे दिया. इस समय कंपनी अमेरिका में 1.2 अरब डॉलर लोन के मामले में केस लड़ रही है.  

ऐसे हुई थी बायजू की शुरुआत

Byju’s की शुरुआत बायजू रविंद्रन ने साल 2006 में की. इसके तहत CAT एग्जाम की तैयारी के लिए क्लासेज लॉन्च किया. फिर ग्रेजुएशन और स्कूल स्टूडेंट्स के लिए कोचिंग शुरी. साल 2015 Byju’s लर्निंग ऐप लॉन्च किया. यह स्टार्टअप अगले 4 साल में यूनिकॉर्न हो गया. सबसे बड़ी उछाल कोरोना काल में जब स्कूल और कोचिंग बंद हुए तब देखने को मिला.