मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों की सुविधाओं को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया

प्रदेश में डिजिटल इण्डिया को बढ़ावा देने के लिये ई-नगरपालिका

बेहतर उदाहरण बजटिंग और ई-गवर्नेंस का

मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों की सुविधाओं को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया
भोपाल

प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में डिजिटल इण्डिया को बढ़ावा देने के लिये शहरी क्षेत्र के स्थानीय निकायों में ई-नगरपालिका योजना नगरीय विकास विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। इसका मकसद पारदर्शी एवं त्वरित गति से शहरी क्षेत्र के नागरिकों को सेवा प्रदान करना है। परियोजना में समस्त नागरिक सेवाओं, जन-शिकायत सुविधा, निकायों की आंतरिक कार्य-प्रणाली, समस्त भुगतान एवं बजट प्रक्रिया को एकीकृत कर ऑनलाइन सुविधा प्रदाय की जा रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है, जहाँ प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों की सुविधाओं को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है।

राज्य के सभी नगरीय निकायों में नागरिक सेवा देने के लिये एकीकृत एकल एसएपी ईआरपी प्लेटफार्म आधारित परियोजना शुरू की गई है। ई-नगरपालिका द्वारा ऑनलाइन की गई नागरिक सेवाओं का लाभ दिये जाने के लिये www.mpenagarpalika.gov.in और MP e-Nagarpalika Citizen App mobileapp का उपयोग किया जा रहा है।

ई-नगरपालिका में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिये भारत बिल पेमेंट सिस्टम की सेवा प्रारंभ की गई है। अब नागरिक यूपीआई एप्लीकेशन (PhonePay, Google Pay, Paytm) के माध्यम से अपना सम्पत्ति कर तथा जल उपभोक्ता प्रभार का भुगतान कर सकते हैं। नगरीय विकास विभाग ने बेहतर नागरिक सेवा देने के लिये ई-नगरपालिका में Whatsapp ChatBot की सेवा भी प्रारंभ की है। नगरीय निकायों की आंतरिक व्यवस्था को भी ई-नगरपालिका के अंतर्गत सम्पूर्ण रूप से कम्प्यूटराइज्ड किया गया है। सभी प्रकार के भुगतान डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा अनुमोदित किये जाने के प्रावधान को अनिवार्य किया गया है।

प्रदेश के नगरीय निकायों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिये समस्त बजट एवं वित्तीय प्रबंधन कार्यों को ई-नगरपालिका में एकीकृत कर, अब संचालनालय स्तर से निकायों को दिये जाने वाले अनुदानों का भुगतान ई-नगरपालिका के माध्यम से किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में ई-नगरपालिका बेहतर बजटिंग और ई-गवर्नेंस का बेहतरीन उदाहरण है। शहरी क्षेत्र के स्थानीय निकायों के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों के डेटा को भी कम्प्यूटराइज्ड किया गया है। कार्यरत अमले के मानदेय का भुगतान भी ई-नगरपालिका द्वारा ही किया जा रहा है।

 

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