फरवरी में भारत की बिजनेस एक्टिविटीज में जोरदार तेजी, 7 महीनों में सबसे तेज PMI 61.5 पर पहुंचा

नईदिल्ली
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (PM Narendra Modi Govt) के लिए  एक ही दिन में दो खुशखबरियां आई हैं. ये देश की इकोनॉमी (Indian Economy) की तेज रफ्तार जारी रहने का संकेत दे रही हैं, वो भी ऐसे समय में जबकि दुनिया पर मंदी (Recession) का साया मंडरा रहा है और जापान-बिट्रेन जैसे बड़े देशों में मंदी ने दस्तक दे दी है. पहली गुड न्यूज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की ओर से दी गई है, तो वहीं दूसरी HSBC की ओर से आई है. आइए जानते हैं इनके बारे में….

तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनेगा भारत
पहली खुशखबरी ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies की ओर से आई है, जिसने इंडियन इकोनॉमी को लेकर पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है. जेफरीज के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से ग्रोथ कर रही है और देश साल 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (Indian 3rd Largest Economy) बन सकता है. इसके पीछे इकोनॉमिकल ग्रोथ के साथ ही जियोपॉलिटिक्स में इंडिया की मजबूत स्थिति, स्टॉक मार्केट की वैल्यू में इजाफा, लगातार रिफॉर्म्स और मजबूत कॉर्पोरेट कल्चर को बड़ा कारण बताया गया है.

10 साल में हुए बदलाव का जिक्र
Jefferies India के इक्विटी एनालिस्ट महेश नंदुरकर की मानें तो बीते 10 साल में इंडियन इकोनॉमी में बड़ा चेंज देखने को मिला है और देश की जीडीपी (India GDP) में 7 फीसदी CSGR की तेजी दर्ज की गई है. इकोनॉमी का साइज बढ़कर 3.6 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया है और ये दुनिया की टॉप-10 इकोनॉमी में पांचवे पायदान पर पहुंच चुका है. रिपोर्ट में उम्मीद जाहिर करते हुए कहा गया है कि अर्थव्यवस्था में तेज रफ्तार जारी रहेगी और इसके चलते आने वाले 4 सालों में भारत की जीडीपी 5 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी.

10 ट्रिलियन डॉलर होगा बाजार का एमकैप
ग्लोबल ब्रोकरेज के मुताबिक, इंडियन इकोनॉमी 5 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंचने पर देश दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी. जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) भी लगातार ग्रोथ कर रहा है और फिलहाल दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट बन चुका है. इसमें अनुमान जाहिर किया गया है कि साल 2030 तक Share Market का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 10 ट्रिलियन डॉलर के लेवल पर पहुंचने सकता है. फिलहाल, इसका मार्केट कैप 4.5 ट्रिलियन डॉलर है. इसके अलावा लॉन्ग टर्म में भारत की जीडीपी ग्रोथ (India GDP Growth) 7 फीसदी रहने का अनुमान है.

PMI डाटा तेज इकोनॉमी का संकेत
अब बात कर लेते हैं Modi Govt के लिए आई दूसरी खुशखबरी की, तो रॉयटर्स के सर्वे में सामने आया है कि फरवरी में भारत की बिजनेस एक्टिविटीज में जोरदार तेजी देखी जा रही है, जो कि बीते 7 महीनों में इसकी सबसे तेज रफ्तार है. मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों में डिमांड मजबूत रही है और ग्रोथ को समर्थन मिला है. सर्वे के नतीजों में भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में पेश किया. S&P Global द्वारा संकलित HSBC का फ्लैश इंडिया कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) इस महीने 61.5 पर पहुंच गया, जो जनवरी की अंतिम रीडिंग 61.2 से ऊपर है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये यह लगातार 31वां महीना है, जब पीएमआई 50-अंक से ऊपर है, जो विस्तार को दर्शाता है.