प्राथमिक उपचार के बाद बेतिया भेजने नहीं मिली एम्बुलेंस, चेतना सत्र में बेहोश होकर गिरी एक छात्रा

बेतिया.

बिहार के बेतिया के एक सरकारी स्कूल में चेतना सत्र के दौरान अचानक एक छात्रा बेहोश होकर गिर गई। इसके तुरंत बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनाटांड़ भेजा गया। जहां प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बेतिया रेफर कर दिया। लेकिन एम्बुलेंस न मिली। उसके बाद प्रधान शिक्षक ने काफी मशक्कत कर निजी वाहन से छात्रा को इलाज के लिए बेतिया भिजवाया।

जानकारी के मुताबिक, जिले के मैनाटांड़ स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय सिसवा ताजपुर प्लस टू में सातवीं वर्ग की छात्रा दुर्गा कुमारी सोमवार को चेतना सत्र में अचानक बेहोश होकर गिर गई। तत्काल मौजूद प्रधानाध्यापक लालबहादुर साह और शिक्षकों ने उसे उठाकर प्राथमिक उपचार करवाया। उसके बाद 102 पर एम्बुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन बताया गया कि मैनाटांड़ में मौजूद दोनों एम्बुलेंस खराब हैं। तुरंत शिक्षकों ने अपने स्तर पर वाहन की व्यवस्था कर छात्रा दुर्गा कुमारी को इलाज के लिए उसके दादा रामनरायण राणा के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनाटांड़ पहुंचाया। जहां उसका इलाज किया गया। प्रधानाध्यापक लालबहादुर साह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल से एम्बुलेंस नहीं मिलना बहुत ही निंदनीय बात है। आखिर किसी मरीज की सेवा करने के लिए ही एम्बुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखी गई हैं। लेकिन मौके पर भी एम्बुलेंस न मिले तो फिर उसके अस्पताल में रहने से क्या फायदा है। उन्होंने बताया कि छात्रा दुर्गा कुमारी की पूर्व से तबीयत खराब थी। संभव है कि उसी की वजह से वह चेतना सत्र में बेहोश होकर गिर गई हो।  इधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनाटांड़ के रोगी कल्याण समिति के सदस्य पंकज कुमार और अक्षय कुमार आनंद ने भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मरीज को एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं करना प्रबंधन की लापरवाही है।