चीतलों को सुरक्षा कर्मियों के साथ छोड़ा जाएगा कूनो

भोपाल

कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट अब पूरी तरह से सफल हो गया है। चीता कुनबे को बढ़ाने के लिए चीता के रख-रखाव और उनके शिकार की व्यवस्था के लिए वन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। 9 फरवरी को वन विभाग ने कान्हा नेशनल पार्क से एक हजार चीतल शिफ्ट करने के  लिए शासन से अनुमति मांगी थी।

शासन ने विभाग के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। शासन ने अपने आदेश में कहा है कि चीतलों को शिफ्ट करने से पहले वन्य प्राणी शाखा सभी चीतलों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगा और बेहतर स्वास्थ्य होने पर चीतलों को कूनों में शिफ्ट किया जाएगा। शासन द्वारा मंजूरी मिलने पर वन्य प्राणी शाखा ने कान्हा नेशनल पार्क प्रबंधन को एक हजार चीतलों का स्वास्थ्य परीक्षण करने का आदेश दिया है। प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पशु विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा चीतलों के स्वास्थ्य के परीक्षण की कार्रवाई एक-दो दिन में शुरू हो जाएगी। सभी चीतलों को सुरक्षा कर्मियों के साथ कूनो में छोड़ा जाएगा।

गौरतलब है कि मुखी चीता के एक वर्ष पूरा करने के बाद वन विभाग चीता को लेकर पहले से ज्यदा सक्रिय हो गया है। चीता मित्रोें को भी कूनो नेशनल पार्क के प्रबंधन के अधिकारी लगातार प्रशिक्षण दे रहे है। जिससे चीता मित्र ग्रामीणों को इस बात की जानकारी दे सके कि चीता हिंसक प्राणी नहीं होता है। गौरतलब है कि पवन चीता कूनो से दो बार बाहर निकल चुका है। वन्य प्राणी शाखा के अधिकारियों ने बताया कि चीतों का कुनबा जैसे-जैसे बढ़ेगा उनकी गतिविधियां भी बढ़ेगी। इस लिहाज से विभाग चीता मित्रों को लगातार जागरूक कर रहा है।

दूसरा प्रोजेक्ट तैयार
चीतों का दूसरा घर गांधी सागर अभयारण्य पूरी तरह से तैयार हो चुका है। वन्य प्राणी शाखा यहां पर भी चीतल को शिफ्ट करने का प्रयास कर रहा है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गांधी सागर अभयारण्य चीता के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार हो गया है। थोड़ा बहुत काम बचा है उसे भी समय रहते हुए पूरा कर लिया जाएगा। आचार संहिता के चलते दूसरे प्रोजेक्ट के शुरू होने में विलंब हो गया है। बरसात के बाद यहां कभी भी चीता को बसाया जा सकता है। चीता प्रोजेक्ट को लेकर सभी निर्णय केंद्र सरकार को लेना है।