सांसद बनते ही फंस गए पप्पू यादव!, ऑफिस में रेड के बाद आचार संहिता का FIR दर्ज

पूर्णिया
पूर्णिया के नवनिर्वाचित सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव व एक अन्य पर एक करोड़ की रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज हुई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक फर्नीचर व्यवसायी ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।सांसद ने कहा- "आरोप निराधार, बदनाम करने की हो रही साजिश"। बता दें कि पप्पू यादव पूर्णिया से निर्दलीय चुनाव जीते हैं। पूर्णिया जिला प्रशासन और पुलिस टीम ने पप्पू यादव के कार्यालय में गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार की शाम को छापेमारी की और डीजे के साथ कई आपत्तिजनक सामग्री जप्त किया था।  इस मामले में शुक्रवार को एफआईआर दर्ज किया गया। पूर्व सांसद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके यह जानकारी दी थी। पूर्णिया में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होना है।

पप्पू यादव पूर्णिया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए ही कांग्रेस पार्टी में न सिर्फ शामिल हुए बल्कि अपनी पार्टी जाप का विलय भी कर दिया। लेकिन लालू यादव ने पूर्णिया की सीट आरजेडी के खाते में डाल दी और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। आरडेजी ने नीतीश कुमार से विवाद के बाद जेडीयू छोड़कर आई विधायक बीमा भारती को टिकट दे दिया तो पप्पू यादव ने चार अप्रैल को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया।

पप्पू यादव के निर्दलीय नामांकन दाखिल करने से पूर्णिया सीट पर लोकसभा चुनाव त्रिकोणीय हो गया है। यहां एनडीए से जदयू नेता(वर्तमान सांसद) संतोष कुशवाहा मैदान में हैं तो महागठबंधन से राजद की बीमा भारती चुनाव लड़ रही हैं। किसी पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर पप्पू यादव ने स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया है। उनका कहना है कि दुनिया छोड़ सकते हैं पर पूर्णिया नहीं। टिकट के लिए उन्होंने अंतिम क्षणों तक इंतजार किया। नामांकन दाखिल कर देने के बाद कांग्रेस ने उनसे नॉमिनेशन वापस लेने के लिए कहा। लेकिन पप्पू यादव नहीं माने।

 

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