फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है और युद्ध विराम के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया

नई दिल्ली
गाजा में इजरायल के द्वारा किए जा रहे हमलों से फिलिस्तीन परेशान है। इस बीच फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है और तत्काल युद्ध विराम के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने युद्धग्रस्त गाजा को मिलने वाली सहायता बढ़ाने के लिए दुनिया के बाकी देशों पर दबाव बढ़ाने की अपील की है। फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद मुस्तफा ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी को ग्लोबल लीडर बताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई देते हुए फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री ने कहा कि आप एक वैश्विक नेता हैं। मानवाधिकारों और शांति को महत्व देने वाले राष्ट्र के रूप में गाजा में नरसंहार को समाप्त करने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुस्तफा ने कहा, "भारत को तत्काल युद्ध विराम के लिए सभी राजनयिक चैनलों का उपयोग करना चाहिए। हमारे दुख को कम करने में हमारी मदद करनी चाहिए। फिलिस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाना चाहिए और हमारे ऊपर किए जा अत्याचारों के खिलाफ दृढ़ रुख अपनाना चाहिए।"

आपको बता दें कि भारत ने पिछले साल तत्काल युद्ध विराम की मांग करने वाले UNGA प्रस्ताव का समर्थन किया था। हालांकि, भारत ने स्पष्ट रूप से इसके लिए आह्वान नहीं किया था। इजरायल को दिए गए संदेश में भारत सरकार ने लगातार इजरायल-हमास संघर्ष के कारण हो रही नागरिकों की मौत की कड़ी निंदा की है। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने का आह्वान भी कर रही है। मुस्तफा ने पीएम मोदी को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने फिलिस्तीनी मुद्दे और फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के लिए लगातार समर्थन दिया है।

गाजा में घातक हमले में आठ इजराइली सैनिकों की मौत
इस बीच इजराइली सेना ने शनिवार को कहा कि दक्षिणी गाजा में किये गए एक विस्फोट में उसके आठ सैनिकों की मौत हो गई। यह पिछले कई महीनों में किये गये अब तक का सबसे घातक हमला था। शनिवार का यह धमाका दक्षिण रफह शहर में हुआ। इजराइल रफह को हमास की मजबूत पकड़ वाला आखिरी बड़ा गढ़ मानता है। इस हमले से इजराइली प्रदर्शनकारियों द्वारा की जा रही संघर्ष विराम की मांग को संभवत: बढ़ावा मिलेगा । यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अति रूढ़िवादी युवाओं को सैन्य सेवा से छूट देने को लेकर सरकार को व्यापाक नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।

इजराइल और फलस्तीन में आठ महीने से अधिक समय से लड़ाई चल रही है। पिछले साल सात अक्टूबर को हमास और अन्य आतंकवादियों द्वारा किये गये हमले में 1200 लोगों की मौत हो गई थी तथा 250 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजराइल ने हमास के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया था। गाजा में जनवरी में फलस्तीनी आतंकवादियों के हमले में 21 इजराइली सैनिकों की मौत हो गयी थी।