February 15, 2026

TET परीक्षा विवाद: 2 लाख UP शिक्षकों की नौकरी खतरे में, सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश और राजनीतिक तूफान

लखनऊ
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से कम शेष है, उनके लिए टीईटी पास करना अनिवार्य नहीं होगा. लेकिन जिनकी सेवा 5 साल से अधिक है, उन्हें परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले यूपी के 2 लाख शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है. वहीं इस फैसले से देश के 10 लाख से ज्यादा शिक्षक प्रभावित होंगे. ऐसे में इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है.

यूपी कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से कम शेष है, उनके लिए टीईटी पास करना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से अधिक शेष है, उनके लिए टीईटी पास करना आवश्यक होगा.

आगे कांग्रेस ने कहा, प्रदेश के 2 लाख से अधिक तो देश के 10 लाख से ज़्यादा शिक्षकों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि उनके लिए टीईटी परीक्षा पास करना शायद अब संभव न हो. हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इस आदेश को लागू करने का तरीका मानवीय और व्यावहारिक बनाए. कांग्रेस पार्टी शिक्षकों के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.