February 15, 2026

MP Police Recruitment: जॉइनिंग से दूरी बना गए 900 अभ्यर्थी, विभाग ने 50 पर की कानूनी कार्रवाई

भोपाल
सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर मारामारी के बीच मामला चौंकाता है। मध्य प्रदेश पुलिस की भर्ती में चयन होने के बावजूद भी 900 अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया। अब पुलिस विभाग इसकी वजह पता कर रहा है। यह भी गौरतलब है कि पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा भी सामने आ चुका है, जिसमें अब तक 50 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।

पुलिस महकमे के अधिकारी भी हैरत में
बता दें कि वर्ष 2023 में 7500 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती में ओबीसी आरक्षण का मामला अदालत में होने के कारण 13 प्रतिशत पद रोके जाने के बाद 6400 पदों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे। इसमें 900 चयनितों का ज्वॉइन न करना चौंकाता है। पुलिस महकमे के अधिकारी हैरत में हैं। इन अभ्यर्थियों के ज्वॉइन न करने को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। हालांकि यह भी कहा जा रह है कि इन चयनित अभ्यर्थियों को और कहीं अच्छी नौकरी मिल गई हो, इसलिए उन्होंने ज्वाइन न किया हो, लेकिन एक पहलू यह भी है कि ज्वॉइनिंग न लेने वालों में वे 50 चयनित अभ्यर्थी भी सम्मिलित हैं, जिन्होंने अपनी जगह दूसरे अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा पास की और सत्यापन के दौरान पकड़े गए।
 
पकड़े गए अभ्यर्थियों ने आधार कार्ड में फर्जी तौर पर बायोमैट्रिक (फिंगर प्रिंट और फोटो) अपडेट कराकर सॉल्वर को लिखित परीक्षा में बैठाया था। ऐसे में, यह आशंका भी है कि फर्जीवाड़ा में कई अभ्यर्थियों के पकड़े जाने के बाद 900 में से बहुत सारे अभ्यर्थी ज्वॉइनिंग लेने नहीं आए हैं। इनमें फर्जीवाड़ा करने वाले शामिल हैं या नहीं, यह तभी पता लगेगा, जब ज्वॉइनिंग के बाद इनका सत्यापन होगा। बता दें कि इसी वर्ष ज्वाइनिंग के दौरान नौ जिलों में अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा सामने आया था। सभी जगह अभ्यर्थी, साल्वर और कुछ जगह कियोस्क संचालकों (कंप्यूटर केंद्र) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

जांच में 50 लोगों के नाम आए सामने
इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले को राज्य साइबर मुख्यालय को जांच के लिए भेज दिया था। जांच के बाद पचास लोगों के नाम सामने आए। अभी तक 200 से अधिक एफआईआर इस मामले में हो चुकी हैं। साइबर मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी ज्वॉइन करने नहीं आए हैं, वे भी जांच की परिधि में हैं। सहमति लेकर उनके आधार अद्यतन कराए जाने की भी जानकारी निकाली जा रही है। भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद से बार-बार आधार कार्ड में बायोमैट्रिक अपडेट कराने वाले संदेह के घेरे में हैं। उनसे पूछताछ की जाएगी।

वहीं, सॉल्वरों से पूछताछ में अन्य राज्यों में दूसरी परीक्षाओं में भी सॉल्वर बैठाने का भी राजफाश संभव है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि आरक्षित वर्गों में विभिन्न श्रेणियों में अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची से भी नहीं मिल पाए हैं। इस कारण 325 पद ही भरे जा सके हैं।