February 12, 2026

T20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान मूल 42 खिलाड़ियों व अधिकारियों के वीजा स्टेटस में आया अहम बदलाव

नई दिल्ली
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले पाकिस्तान मूल के सभी 42 खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वीजा संबंधी औपचारिकताओं को सुविधाजनक बनाने के लिए कदम उठाया है। इंग्लैंड की टीम में पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटरों में स्पिनर आदिल राशिद, रेहान अहमद और तेज गेंदबाज साकिब महमूद शामिल हैं। अमेरिका की टीम में अली खान और शायन जहांगीर तथा नीदरलैंड की टीम में जुल्फिकार साकिब जैसे पाकिस्तानी मूल के कुछ खिलाड़ी शामिल हैं।
 
पीटीआई को पता चला है कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों राशिद, रेहान और साकिब के वीजा आवेदन पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं। नीदरलैंड की टीम के सदस्यों और कनाडा के सहयोगी स्टाफ के सदस्य शाह सलीम जफर को भी वीजा मिल चुका है। संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, इटली, बांग्लादेश और कनाडा की टीम में शामिल पाकिस्तानी राष्ट्रीयता या पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वीजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।

इन टीमों के लिए वीजा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कार्यवाही के लिए अगले सप्ताह की तिथि नियत कर दी गई है जिससे संकेत मिलता है कि प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रतिभागियों के लिए वीजा जारी करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी है।

सहयोगी और पूर्ण सदस्य देशों में पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व को देखते हुए इस प्रक्रिया में तेजी को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। आईसीसी की इस प्रक्रिया में कई टीमों के क्रिकेटर, अधिकारी और स्टैंडबाय खिलाड़ी शामिल हैं, जिससे पता चलता है कि वर्ल्ड क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था अंतिम समय में होने वाली किसी तरह की जटिलता से बचना चाहती है।

आईसीसी इसके लिए विभिन्न देशों के कई शहरों में स्थित भारतीय उच्चायोगों के साथ लगातार संपर्क में है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों के वीजा आवेदनों को बिना किसी अड़चन के निपटाया जाए। आईसीसी को आश्वासन मिला है कि लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुचारू रूप से निपटाया जाएगा।

टी20 विश्व कप सात फरवरी से शुरू होगा और आईसीसी को विश्वास है कि तब तक सभी तरह की प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी। पाकिस्तान मूल के भारतीय वीजा आवेदकों की गहन जांच की जा रही है और इसलिए प्रक्रिया में सामान्य से अधिक समय लग रहा है।