February 17, 2026

विधानसभा में राजद के खिलाफ किया प्रदर्शन, रामविलास पासवान को ‘बेचारा’ कहने पर बवाल

पटना.

बिहार विधानसभा परिसर में मंगलवार को रामविलास पासवान के सम्मान के मुद्दे पर सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं और विधायकों ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और धरना पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान लोजपा (आर) के विधायकों ने रामविलास पासवान को “दूसरा अंबेडकर” बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर दलितों, वंचितों और गरीबों की आवाज बुलंद की।

धरना दे रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल की राजनीतिक संस्कृति हमेशा से दलित विरोधी रही है और पार्टी समय-समय पर दलित नेताओं का अपमान करती रही है। लोजपा (आर) विधायकों ने कहा कि रामविलास पासवान का अपमान दरअसल दलित समाज का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने नारेबाजी करते हुए राजद से सार्वजनिक माफी की मांग की।

उनका कहना था कि पासवान ने केंद्र और राज्य की राजनीति में रहकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती दी और हाशिए पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। ऐसे नेता पर टिप्पणी करना दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित है।
विधानसभा परिसर में कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। लोजपा (आर) नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि राजद की ओर से स्पष्ट सफाई या माफी नहीं आती है तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

क्या है मामला?
दरअसल, पिछले दिनों विधानसभा में राजद के विधायक कुमार सर्वजीत ने लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान की प्रतिमा विधानसभा परिसर में लगाने की मांग की थी तब उन्होंने अपने संबोधन में रामविलास पासवान को बेचारा कह दिया।