February 18, 2026

जल क्रांति की ओर बढ़ता प्रदेश, हर घर नल-जल के लिए अधोसंरचना सशक्त: मंत्री उइके

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त  मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  संपतिया उइके ने जनस्वास्थ्य और जल सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जल जीवन मिशन के संकल्प को राज्य सरकार ने गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया है, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस बजट में दिखाई देता है।

मंत्री  उइके ने बताया कि जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रु. का प्रावधान हर घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम है। ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिये 290 करोड़ रु. तथा जल प्रदाय गृहों की स्थापना एवं संधारण के लिए 229 करोड़ रु. का प्रावधान यह सुनिश्चित करेगा कि जल आपूर्ति व्यवस्थाएं केवल निर्मित ही नहीं हों, बल्कि दीर्घकाल तक सुचारु रूप से संचालित भी रहें। ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना, नलकूप अनुरक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के सौर ऊर्जा करण के लिए किए गए प्रावधान जल प्रबंधन को अधिक टिकाऊ और परिणामकारी बनाएंगे।

मंत्री  उइके ने कहा कि यह बजट गरीब कल्याण, अन्नदाता, युवा और नारी शक्ति के साथ अधोसंरचना विकास को समन्वित करते हुए संतुलित और यथार्थवादी विकास की दिशा तय करता है। सिंहस्थ की तैयारियों, ग्रामीण अधोसंरचना और पूंजीगत निवेश पर विशेष ध्यान प्रदेश को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाएगा। मंत्री  उइके ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट समृद्ध, स्वस्थ और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति देगा।

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