February 25, 2026

Trump Tariff Attack: ट्रंप ने 126% का टैरिफ बम फोड़ते हुए भारत और इंडोनेशिया समेत इन देशों को किया निशाना

 नई दिल्ली

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को रेसिप्रोकल टैरिफ पर भले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से करारी हार मिली है, लेकिन इसके बाद से ही उनका टैरिफ अटैक (Trump Tariff Attack) का सिलसिला भी शुरू हो गया है. पहले 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया, फिर इसे बढ़ाकर 15% किया करके टेंशन बढ़ाई. तो अब अमेरिका ने भारत समेत इंडोनेशिया और लाओस जैसे देशों से आयातित सोलर एनर्जी प्रोडक्ट पर निशाना साधा है और भारी प्रारंभिक आयात शुल्क निर्धारित किया है. भारत पर ये 126% तय किया गया है. इसका असर इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है. 

क्यों अमेरिका ने उठाया ये कदम? 
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत से सौर ऊर्जा उत्पादों के आयात पर 126% का प्रारंभिक शुल्क निर्धारित किया है. वहीं इंडोनेशिया के लिए ये  प्रारंभिक शुल्क 86% से 143%, जबकि लाओस के लिए 81% तय किया गया है. ये इंपोर्ट ड्यूटी रेट्स विदेशी सब्सिडी को देखते हुए निर्धारित किए गए हैं. अमेरिका का मानना है कि इससे इन देशों के निर्यातकों को घरेलू सोलर एनर्जी प्रोड्यूशरों के उत्पादों की तुलना में कम कीमत पर अपने उत्पाद बेचने की अनुमति मिलती है. ट्रंप प्रशासन द्वारा भारी भरकम टैरिफ लगाने के इस कदम का उद्देश्य घरेलू निर्माताओं को लाभ पहुंचाना है.

भारत पर कहां और कैसे असर? 
अमेरिका द्वारा Solar Energy Products पर प्रारंभित आयात शुल्क करीब 126% किए जाने का सीधा असर इस सेक्टर से जुड़े भारतीय निर्यात और इससे संबंधित कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉमर्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों को देखें, तो साल 2024 में अमेरिका द्वारा भारत से किए सोलर एनर्जी इंपोर्ट की वैल्यू 792.6 मिलियन डॉलर रही थी और इसमें पिछले कुछ सालों की तुलना में जोरदार उछाल दर्ज किया गया था. वहीं जिन तीन देशों को ट्रंप ने निशाने पर लिया है, बीते साल इन देशों से करीब 4.5 अरब डॉलर मूल्य के सोलर एनर्जी प्रोडक्ट आयात किए गए थे. 

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस हिसाब से बीते साल 2025 की पहली छमाही में US Solar Model Import का 57% हिस्सा सिर्फ भारत, इंडोनेशिया और लाओस से ही आया था. ऐसे में ट्रंप प्रशासन का ये कदम बड़ा झटका माना जा रहा है और इसका निर्यात पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही इस सेक्टर से जुड़ी वारी एनर्जीज से लेकर प्रीमियर एनर्जीज जैसे तमाम कंपनियों के शेयर भी आज फोकस में हैं और इन पर असर देखने को मिल सकता है. 

SC में हार के बाद दनादन फैसले
बता दें कि बीते 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने Donald Trump द्वारा IEEPA का इस्तेमाल कर दुनिया के तमाम देशों पर लगाए गए उनके रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया था. इसके बाद से ही ट्रंप दनादन बड़े फैसले ले रहे हैं. उन्होंने अदालत का फैसला आने के तुरंत बाद धारा 122 का यूज करते हुए सभी देशों पर 10% Global Tariff लगाया था और फिर 24 घंटे के भीतर ही इसे बढ़ाकर 15% कर दिया था. ये टैरिफ 150 दिन तक मान्य है और इसके बाद आगे बढ़ाने के लिए US Congress की मंजूरी जरूरी होगी. अब सोलर सेक्टर को लेकर अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है.