कंधार की कार्रवाई का जवाब या नई साजिश? इस्लामाबाद में एयरस्ट्राइक से हड़कंप
इस्लामाबाद
भारत के दो पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शुरु हुई जंग विध्वसंक रूप लेते जी रही है। ताजा हमले में अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री दफ्तर के करीब ड्रोन से एयरस्ट्राइक की है। ये हमला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय से 5 किलोमीटर की दूरी पर किया गया। इस हमले के जरिए एक तरफ अफगानिस्तान ने अपनी ताकत का इजहार किया है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के सत्ता गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान ने कंधार में पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक का बदला इस्लामाबाद में ड्रोन अटैक से लिया है।
अफगानिस्तान गृह मंत्रालय की बॉर्डर पुलिस के प्रवक्ता के हवाले से आज तक की रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पीएम ऑफिस से 5 किलोमीटर दूर तक हमला करने में कामयाबी हासिल की है। अफगानिस्तान बॉर्डर पुलिस के प्रवक्ता अब्दुल्ला फारूकी ने दावा किया है कि काबुल ने इस्लामाबाद में एयर स्ट्राइक की है। इसके अलावा नौशेरा, एबटाबाद, जमरूद में भी अटैक किए गए हैं। फारूकी कहा, "इस्लामाबाद के पीएम ऑफिस से 5 किलोमीटर दूर उनकी आर्मी का कैंप है, वहां हमने हमला किया है।"
कई अहम सैन्य ठिकानों पर भी हमले का दावा
अफगान सुरक्षा बलों ने यह दावा भी किया है कि उसके हमले में पाकिस्तान के कई अहम सैन्य ठिकानों और सुविधा केंद्रों को निशाना बनाया गया है। सुरक्षा बलों ने यह दावा भी किया कि ये हमले पाकिस्तान की तरफ से कंधार, काबुल और पक्तिका में किए गए एयरस्ट्राइक का जवाब है। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चीन ने की दोनों पक्षों से युद्धविराम की अपील
इस बीच, चीन ने दोनों पक्षों से युद्धविराम की अपील की है। चीन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंसक झड़पों को लेकर बहुत चिंतित है और उसने दोनों पक्षों से युद्धविराम के लिए बातचीत की है। गौरतलब है कि इन झड़पों में 133 अफगान तालिबान लड़ाके और पाकिस्तान के दो जवान मारे गये हैं। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा राजधानी काबुल सहित अफगानिस्तान के बड़े शहरों पर बमबारी के बाद चीन संघर्ष के बढ़ने पर बहुत चिंतित है। चीन ने दोनों पक्षों से शांत रहने और संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि जितनी जल्दी हो सके युद्धविराम और खून-खराबा से बचा जाना चाहिए।
133 अफगान तालिबान लड़ाके मारने का पाक का दावा
उन्होंने कहा, "चीन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष में लगातार मध्यस्थता की है और आगे भी तनाव कम करने में एक रचनात्मक भूमिका निभाना जारी रखने को वह तैयार है।" उन्होंने कहा कि मंत्रालय और पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान में चीन के दूतावास इस मामले पर दोनों देशों में संबंधित पार्टियों के साथ काम कर रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार का कहना है कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए। जबकि पाकिस्तान का कहना है कि चल रही झड़पों में उसके दो जवान मारे गए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि हालिया हमलों के बाद अब अफगानिस्तान के साथ 'खुली जंग शुरु हो गई है।
