स्टूडेंट्स के लिए जरूरी सूचना: 5 मार्च से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू, इस दिन घोषित होगा रिजल्ट
भोपाल
प्रदेश के निजी एवं सरकारी स्कूलों में आयोजित पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 28 फरवरी को संपन्न हो गई हैं। अब राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से पांच मार्च से उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य की शुरुआत की जाएगी। यह प्रक्रिया 14 मार्च तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, 25 मार्च को परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है, ताकि एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं नियमित रूप से प्रारंभ की जा सकें।
निष्पक्षता के लिए ब्लॉक स्तर पर बनेंगे केंद्र
इस वर्ष मूल्यांकन कार्य को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए उत्तरपुस्तिकाओं की जांच ब्लॉक स्तर पर बनाए गए समन्वयक केंद्रों पर की जाएगी।
मूल्यांकन केंद्रों का आवंटन परीक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश में करीब एक लाख शिक्षकों को इस कार्य में लगाया गया है, जिनमें निजी स्कूलों के 20 हजार शिक्षक और अतिथि शिक्षक भी शामिल रहेंगे।
निर्देश दिए गए हैं कि जिस जनशिक्षा केंद्र में शिक्षक पदस्थ हैं, उन्हें उसी जनशिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों की उत्तरपुस्तिकाएं जांचने के लिए आवंटित नहीं की जाएंगी।
इससे निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इस संबंध में निर्देशित किया है कि अनुभवी और वरिष्ठ शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए।
मूल्यांकन केंद्र पर मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित
मूल्यांकन कार्य की गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मूल्यांकनकर्ता केंद्र के भीतर मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे। हालांकि, विद्यार्थियों के अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि मोबाइल के माध्यम से ही की जाएगी।
विषयवार और कक्षावार यदि 15 मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए जाते हैं, तो उनके पर्यवेक्षण के लिए एक उपमुख्य परीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
अल्पभाषाओं के विशेषज्ञों की होगी नियुक्ति
राज्य शिक्षा केंद्र ने यह भी निर्देशित किया है कि मराठी, उर्दू, संगीत, पंजाबी, उड़िया, गुजराती और संस्कृत जैसी अल्पभाषाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था की जाए। आवश्यकता पड़ने पर निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा।
तीन स्तर पर होगा विशेष उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन
जिन विद्यार्थियों को शून्य अंक या 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होंगे, उनकी उत्तरपुस्तिकाओं का मुख्य परीक्षक और उपमुख्य परीक्षक द्वारा पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता द्वारा जांची गई पांच प्रतिशत प्रतियों का रैंडम आधार पर पुनर्मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। एवरेज मार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
'पांच मार्च से मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। तेजी से मूल्यांकन कार्य किया जाना है, ताकि मार्च के अंतिम सप्ताह में रिजल्ट घोषित किया जा सके।' – डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र
