नीतीश कुमार के इस्तीफे पर सस्पेंस, नए मुख्यमंत्री की शपथ खरमास से पहले या बाद?

पटना

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधायक, विधान पार्षद रह चुके हैं। लोकसभा सांसद भी। अब राज्यसभा भी जा रहे हैं। मतलब, बिहार के सीएम की कुर्सी खाली हो रही है। कुर्सी कब खाली होगी और अगला चेहरा उस कुर्सी पर कब विराजमान होगा, इन सवालों का जवाब भी समझना अब जरूरी हो गया है।

नीतीश कुमार का तुरंत इस्तीफा देना मजबूरी नहीं
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि नामांकन के साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ देनी होगी। भारतीय जनता पार्टी जल्द से जल्द वह कुर्सी हासिल करना चाहेगी, ताकि माहौल उलटा न बन जाए। जबकि, नीतीश कुमार के पास फैसला लेने के लिए समय रहेगा। 5 मार्च, यानी आज राज्यसभा के लिए नामांकन होगा और 16 मार्च को उनका निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। इसके बाद चूंकि 9 अप्रैल तक मौजूदा राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल है तो इस समय तक मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के बने रहने में कोई तकनीकी परेशानी नहीं।

खरमास के नाम पर भाजपा दिखा सकती है तेजी
भाजपा के लिए नीतीश कुमार को पदच्युत करना बहुत आसान नहीं था और न आगे रहेगा। फिर भी, चूंकि नीतीश कुमार ने खुद राज्यसभा जाने की बात को लेकर भाजपा के दबाव की चर्चा नहीं की है तो आगे भारतीय जनता पार्टी अपना सीएम और जदयू के दो डिप्टी सीएम के प्रस्ताव को लेकर जल्द से जल्द नीतीश कुमार से इस्तीफा लेने का प्रयास भी करेगी। 15 मार्च के बाद खरमास शुरू हो रहा है और 16 मार्च को निर्विरोध राज्यसभा के लिए जीत का एलान होना है। चूंकि, 202 सदस्यों के कारण विधानसभा कोटे से राज्यसभा के रास्ते में कोई दिक्कत नहीं है, इसलिए भाजपा खरमास से पहले ही नई सरकार के गठन का रास्ता तय करना चाहेगी।

जानिए, सीएम नीतीश कुमार ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।