दबाव और चुनौती ही असली मजा है: जसप्रीत बुमराह

नई दिल्ली
टी-20 विश्वकप जीताने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कहा है कि उन्हें हमेशा चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां लेना पसंद रहा है और यही वजह है कि उन्होंने क्रिकेट को चुना। उन्होंने कहा कि टीम के लिए कुछ अलग करना उन्हें बहुत खुशी देता है और ‘इससे बेहतर कोई एहसास नहीं है।’

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से साझा किये गये एक वीडियों में बुमराह ने कहा, “मैं कभी पीछे नहीं छिपना चाहता, मैं चीजो के बीच रहना चाहता हूं। मैं हमेशा एक मुश्किल काम करना चाहता था। मैंने क्रिकेट उसी के लिए खेला, मैंने क्रिकेट उसी के लिए शुरू किया। जब मैं कुछ अलग कर पाता हूं, तो मुझे बहुत खुशी होती है, इससे बेहतर कोई एहसास नहीं हो सकता। मैंने अपना क्रिकेट यहीं (अहमदाबाद) शुरू किया, मैंने अपना सारा क्रिकेट यहीं खेला। यहां गुजरात के लिए खेलकर रैंक में ऊपर आया। अब यहां विश्वकप खेल रहा हूं और मैन ऑफ द मैच बन रहा हूं। पिछली बार हम बस पीछे रह गए थे, इस बार हम उससे आगे निकल गए, बहुत खुश हूं।”

उन्होंने कहा, “मेरा बेटा आया, वह पिछली बार भी वहां था। इस बार, वह वहां हैं, मेरी मां आई, बहुत खास था। मुझे पूरे सर्कल के बारे में नहीं पता, लेकिन सच में बहुत खुश हूं। लगातार विश्व कप जीतना कभी नहीं हुआ। सच में ईश्वर का शुक्रगुजार हूं। भगवान सच में दयालु हैं।” उल्लेखनीय है कि बुमराह आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप के फाइनल में भारतीय टीम के लिए सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में चार विकेट लेकर भारत को अपना खिताब बचाने और लगातार दूसरा खिताब जीतने में मदद की।