वैशाख माह का आरंभ और 3 अप्रैल 2026 का संपूर्ण पंचांग और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए जानें शुभ योग और नक्षत्र

 द्रिक पंचांग के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 के दिन की शुरुआत वैशाख यानी बैशाख माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होगी, जो सुबह 08:42 मिनट पर समाप्त होगी. इसके बाद दिन के अंत तक द्वितीया तिथि रहेगी. उदयातिथि की मानें तो कल 3 अप्रैल से ही विष्णु जी को समर्पित वैशाख माह का आरंभ होगा. चलिए अब जानते हैं 3 अप्रैल 2026, मां लक्ष्मी को समर्पित शुक्रवार के पंचांग के बारे में.

नक्षत्र
नक्षत्र की बात करें तो दिन की शुरुआत में चित्रा रहेगा, जिसका समापन शाम 07:24 मिनट पर होगा. इसके बाद दिन के अंत तक स्वाति नक्षत्र रहने वाला है.

योग
योग की बात करें तो दिन की शुरुआत में व्याघात रहेगा, जिसका समापन दोपहर 02:08 मिनट पर होगा. इसके बाद अगले दिन की सुबह तक हर्षण योग रहने वाला है. इस बीच शाम में 07:25 मिनट पर आडल योग का आरंभ हो जाएगा, जो अगले दिन (4 अप्रैल 2026) की सुबह 06:08 मिनट तक रहेगा.

सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और चन्द्रास्त
    सूर्योदय- सुबह 06 बजकर 09 मिनट पर
    सूर्यास्त- शाम 06 बजकर 40 मिनट पर
    चन्द्रोदय- रात 08 बजकर 04 मिनट पर
    चन्द्रास्त- सुबह 06 बजकर 27 मिनट पर

करण
करण की बात करें तो दिन की शुरुआत में कौलव रहेगा, जिसका समापन सुबह 08:42 मिनट पर होगा. हालांकि, इसके बाद तैतिल करण का आरंभ होगा, जो देर रात 09:23 मिनट तक रहेगा. वहीं, दिन के अंत में गर करण रहेगा.

9 ग्रहों की स्थिति
    चंद्र ग्रह: तुला राशि में 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) गोचर करेंगे.
    शुक्र ग्रह: मेष राशि में 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को रहेंगे.
    केतु ग्रह: सिंह राशि में 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को रहेंगे.
    शनि ग्रह और सूर्य ग्रह: मीन राशि में 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को रहेंगे.
    देवगुरु बृहस्पति (गुरु) ग्रह: मिथुन राशि में 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को रहेंगे.
    बुध ग्रह और राहु ग्रह: कुंभ राशि में 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को रहेंगे.
    मंगल ग्रह: मीन राशि में 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को गोचर करेंगे.