चोटों से जूझने के बाद रुबेल हुसैन ने कहा अलविदा, घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे
बांग्लादेश के अनुभवी तेज गेंदबाज रुबेल हुसैन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. 36 साल के रुबेल ने फेसबुक पर अपने 35 लाख फॉलोअर्स को यह जानकारी दी और 159 अंतरराष्ट्रीय मैचों के अपने सफर को विराम देने का फैसला साझा किया.
रुबेल ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अप्रैल 2021 में न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ ऑकलैंड में टी20 इंटरनेशनल के रूप में खेला था. इसके बाद से चोटों ने उन्हें लगातार परेशान किया, जिससे घरेलू क्रिकेट में भी उनकी भागीदारी सीमित होती चली गई.
बांग्लादेशी फैंस के लिए रुबेल का सबसे यादगार प्रदर्शन ICC Cricket World Cup 2015 में इंग्लैंड के खिलाफ एडिलेड में आया मैच रहेगा. उस मुकाबले में उन्होंने चार गेंदों के भीतर इयान बेल और कप्तान इयोन मॉर्गन को आउट किया, फिर स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन को पवेलियन भेजते हुए 53 रन देकर 4 विकेट झटके, जो मैच जिताने वाली गेंदबाजी साबित हुई.
अपने संदेश में रुबेल ने लिखा, 'पेसर रुबेल हुसैन हूं. मैंने बांग्लादेश के लिए 27 टेस्ट, 104 वनडे और 28 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं.राष्ट्रीय टीम मेरे लिए जुनून रही है, लेकिन एक समय ऐसा आता है जब आपको अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ता है. उसी सोच के साथ मैंने यह फैसला लिया है. हालांकि, मैं घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखूंगा.' उन्होंने परिवार, दोस्तों, मीडिया और फैन्स का आभार जताते हुए आगे भी समर्थन की उम्मीद जताई.
रुबेल का अंतरराष्ट्रीय सफर 2009 में शुरू हुआ, जब तत्कालीन बांग्लादेश फास्ट बॉलिंग कोच चंपाका रामानायके ने उन्हें देशव्यापी टैलेंट हंट में खोजा. अपनी स्लिंगी एक्शन और 140 किमी/घंटा तक की रफ्तार के साथ रुबेल ने जल्द ही पहचान बना ली.
वनडे डेब्यू में ही उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 33 रन देकर 4 विकेट लेकर बांग्लादेश को जीत दिलाई और ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज बने. टेस्ट क्रिकेट में उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली- 27 मैचों में 36 विकेट, औसत 76.77 के साथ. लेकिन सीमित ओवरों में वे
असरदार साबित हुए
वनडे फॉर्मेट में रुबेल ने 104 मैचों में 129 विकेट (औसत 34.31) लेकर खुद को बांग्लादेश के भरोसेमंद गेंदबाजों में शुमार किया. उनके नाम 7 बार चार विकेट और एक बार 5 विकेट लेने का कारनामा दर्ज है. 2013 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 26 रन देकर 6 विकेट, जिसमें हैट्रिक भी शामिल थी, उनके करियर की खास उपलब्धियों में से एक रही. दिलचस्प बात यह रही कि इससे ठीक एक हफ्ते पहले उन्होंने घरेलू मैच में भी हैट्रिक ली थी, हालांकि उस वक्त उन्हें इसका अहसास तक नहीं हुआ था.
रुबेल हुसैन का करियर भले ही उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन बड़े मैचों में असर छोड़ने की उनकी क्षमता उन्हें बांग्लादेश क्रिकेट के यादगार तेज गेंदबाजों में शामिल करती है.
