मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोल,गांवों के विकास से ही राज्य बनेगा आत्मनिर्भर
रांची
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखते हुए खाली जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन करें। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कम अवधि के लिए खेती की जाने वाली जमीन या बंजर भूमि पर ग्रामसभा के माध्यम से सामूहिक सोलर खेती करें। सरकार उत्पादित बिजली की खरीदारी करेगी। इस पहल से ग्रामीणों की आय में जहां वृद्धि होगी, वहीं वे समृद्ध-आत्मनिर्भर बन सकेंगे। सीएम सोरेन शुक्रवार को रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह सह मुखिया सम्मेलन (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) को संबोधित कर रहे थे।
सिंचाई के लिए नई तकनीक का हो रहा इस्तेमाल
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें संताल परगना में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भविष्य में इन योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि समग्र विकास व ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आप सभी ऐसे लोग हैं, जो ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं। आप सभी ग्राम पंचायत व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। आपकी कार्यकुशलता से ही राज्य के सर्वांगीण विकास का रास्ता तय हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य-देश का विकास तभी होगा, जब गांव का विकास होगा। गांव राज्य की जड़ हैं। जब जड़ें मजबूत होंगी, तभी पेड़ मजबूत होगा। गांवों को मजबूत करने की दिशा में उनकी सरकार निरंतर सकारात्मक कार्य कर रही है। सीएम ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है। इन दोनों के समन्वय से ही विकास की गति तेज होगी।
पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना परिवर्तनकारी पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ की शुरुआत की गई है। यह योजना केवल एक पुरस्कार योजना नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना तथा पंचायतों को नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यो के लिए प्रेरित करना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से विकास की गति को तेज किया जा सकता है। ग्रामीण स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
