805 करोड़ की परियोजना से हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत, द्वारका में नया कॉलेज तय
नई दिल्ली
दिल्ली सरकार ने राजधानी के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए द्वारका में नया सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी गई। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 805.99 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज के निर्माण को वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके बनने से हर साल 250 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले बढ़ेंगे।
150 छात्रों के साथ शुरू की जाएगी पढ़ाई
उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में 150 छात्रों के साथ पढ़ाई शुरू की जाएगी। परियोजना के पहले चरण में अकैडमिक ब्लॉक, स्टूडेंट्स के अलग हॉस्टल और फैकल्टी के लिए रेजिडेंशल ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसके निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख केंद्र बनाना है।
1.17 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जाएगा निर्माण
सीएम ने बताया कि मेडिकल कॉलेज, हॉस्टल और रेजिडेंशल ब्लॉक का निर्माण करीब 1.17 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में होगा, जिसमें बेसमेंट पार्किंग और अन्य सुविधाएं भी रहेंगी। प्रोजेक्ट में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन किया जाएगा।
परिसर में सोलर पावर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रीसाइक्लिंग, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बिल्डिंग को भूकंपरोधी और दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) निर्माण कार्य करेगा, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग परियोजना की मॉनिटरिंग करेगा।
दिल्ली को एक नया मेडिकल कॉलेज मिलने से बड़ा फायदा होगा। पहला, छात्रों के लिए MBBS की सीटों में इजाफा होगा। दूसरा, दिल्ली सरकार के अस्पतालो में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। द्वारका के जिस इंदिरा गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर में यह कॉलेज बनेगा, वहां भी डॉक्टर्स की कमी है। इसके चलते अस्पताल पूरी क्षमता से काम नही कर रहा है। मेडिकल कॉलेज बनने, एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई शुरू होने के साथ अस्पताल को भी पूरी क्षमता के साथ चलाने में भी मदद मिलेगी। द्वारका के साथ-साथ दिल्ली के आसपास के इलाकों, बाहरी दिल्ली के इलाकों से आने वाले लोगों के लिए मेडिकल सुविधाएं बढ़ेगी।
