विद्युत मांग रात्रि में लगभग 32 से 33 हजार मेगावाट तक पहुंच रही
लखनऊ
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और विद्युत मांग बढ़ने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की बिजली व्यवस्था लगातार सुचारु बनी हुई है। उ.प्र. पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति कर रहा है। ट्रासफार्मर आदि को लेकर आने वाली शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जा रहा है। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिल रही है।
प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों एवं नगर पंचायतों को साढ़े 21 घंटे तथा जिला मुख्यालयों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का शेड्यूल है। प्रदेश में विद्युत मांग रात्रि में लगभग 32 से 33 हजार मेगावाट तक पहुंच रही है। जिस मांग को पूर्ण करने के लिए उप्र. पावर कारपोरेशन दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक अनुबंधों, ऊर्जा एक्सचेंजों और विभिन्न राज्यों से ऊर्जा बैंकिंग के माध्यम से व्यापक प्रयास कर रहा है।
निरंतर निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा यूपीपीसीएल
उ.प्र. पावर कारपोरेशन के निदेशक वितरण ज्ञानेन्द्र धर द्विवेदी ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए यूपीपीसीएल प्रदेश की जनता को राहत पहुंचाने के लिए दिन में सभी को रोस्टरिंग मुक्त बिजली मुहैया कर रहा है। 21 मई को दोपहर में 2 बजे लोड 29,493 मेगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर (ऑल-टाइम हाई) पर पहुंच गया। जबकि प्रदेश में 22 मई को दोपहर 2ः30 बजे बिजली की उच्चतम मांग जो आपूर्ति हुई वह 30357 मेगावाट थी। यह विवरण वैज्ञानिक रूप से प्रचलित ऑनलाइन डाटा के आधार पर है। प्रचंड गर्मी में उपभोक्ताओं को असुविधा न हो, इस दृष्टि से कारपोरेशन निर्बाध बिजली देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए विशेष निर्देश
प्रचंड भीषण गर्मी के बावजूद यूपीपीसीएल निर्धारित घंटों के अनुसार सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। योगी सरकार के मार्गदर्शन में यूपीपीसीएल यह प्रयास कर रहा है कि इस भीषण गर्मी के मौसम में भी हर घर और व्यवसाय को बिजली मिलती रहे। साथ ही विद्युत वितरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए है। उनको निर्देश है कि किसी कारण से अगर विद्युत बाधित हो तो, उस अवधि की बिजली उस क्षेत्र को अतिरिक्त आपूर्ति करके देना सुनिश्चित किया जाए।
ट्रांसफार्मर खराब हो तो शीघ्र आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश
इसके साथ-साथ अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं के फोन रिसीव करने और उन्हें सही जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही कहा गया कि अगर कही कोई विद्युत बाधा हो तो मीडिया के माध्यम से उपभोक्ता और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जाए। ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त न हों इसके लिए सावधानी बरती जाए। फिर भी अगर कहीं ट्रांसफार्मर खराब हो तो कम से कम समय में आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास सुनिश्चित किया जाए।
पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर, गैंग समेत अन्य सामग्री उपलब्ध
यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ने बताया कि अनुरक्षण माह के माध्यम से आवश्यक सुधार के कार्य पिछले महीनों में कराए गए हैं, लेकिन फिर भी अगर कही कोई आवश्यकता हो तो तत्काल अनुरक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्रत्येक डिस्काम को पर्याप्त धनराशि दी गई है। गर्मी में विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुरूप पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मरों, गैंग एवं अन्य सामग्री उपलब्ध है। भीषण गर्मी एवं अत्यधिक ए.सी. आदि उपकरणों के लोड के कारण विद्युत व्यवधान उत्पन्न होते है, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है। ऐसे स्थानों पर आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास सुनिश्चित किया जा रहा है।
