बिहार में राजनीतिक फेरबदल, कई नेताओं को मंत्री और राज्य मंत्री स्तर की सुविधाएं मिलीं

पटना

 मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर बिहार विधान परिषद में सत्‍ता पक्ष के 6 नेताओं को नई जिम्‍मेदारी दी गई है।

संसदीय कार्य विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। 15 मई से प्रभावी इस फैसले के तहत नेता, उपनेता, मुख्य सचेतक और उपमुख्य सचेतक के पदों पर मनोनयन किया गया है।
ललन एवं राजेंद्र बने उपनेता
अधिसूचना के अनुसार ललन कुमार सर्राफ एवं प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्‍ता को उपनेता का बनाया गया है। इन्‍हें मंत्री पद की सुविधा प्रदान की गई है।

जदयू के विधान पार्षद संजय कुमार सिंह को मुख्‍य सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी मंत्री की सुविधा प्राप्‍त हो गई है। वहीं जनक राम उपमुख्‍य सचेतक बनाए गए हैं।

इन्‍हें राज्‍य मंत्री की सुविधा प्रदान की गई है। इनके अलावा नीरज कुमार एवं रीना देवी को सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी राज्‍य मंत्री की सुविधा मि‍ली है।  

राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयन समित‍ि का पुनर्गठन
इससे एक दिन पूर्व राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयण समिति का पुनर्गठन राज्‍य सरकार ने किया। सीएम सम्राट चौधरी इसके अध्‍यक्ष बनाए गए हैं।

इनके अलावा उपमुख्‍यमंत्री व‍िजय कुमार चौधरी कार्यकारी अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। समिति में संजय सरावगी एवं उमेश सिंह कुशवाहा को उपाध्‍यक्ष बनाया गया है।  

उपाध्‍यक्ष के पद पर ललन कुमार मंडल भी रखे गए हैं। समिति में विधायक चेतन आनंद, संगीता कुमारी, भरत बिन्द, मुरारी प्रसाद गौतम तथा सिद्धार्थ सौरव सहित कई नेताओं को सदस्य बनाया गया है।

इसके अतिरिक्त प्रहलाद यादव, नीलम देवी, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह भी सदस्‍य बनाए गए हैं।

दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया जाएगा, जबकि सभी सदस्यों को राज्य के उप मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। बिहार विधान मंडल के सदस्य अपने वर्तमान वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाएं पूर्ववत प्राप्त करते रहेंगे।