ट्विशा शर्मा केस में CBI का शिकंजा कसा, सास गिरिबाला सिंह हिरासत में लेकर गिरफ्तार
भोपाल
ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है।छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। वहां उनका मेडिकल करवाया जाएगा। इसके सीबीआई कोर्ट में उनकी पेशी होगी।
पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
दरअसल, एमपी हाईकोर्ट ने देर रात उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे के करीर सीबीआई की टीम उनके घर में प्रवेश की थी। उसके बाद से लगातार उनसे पूछताछ चल रही थी। पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपने खराब स्वास्थ्य का भी हवाला दिया था। इस दौरान गिरिबाला सिंह के वकीलों ने डॉक्टरों के पर्चे भी प्रस्तुत किए।
बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती
गिरिबाला सिंह पूछताछ के दौरान घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती थी। उनसे तमाम सवाल सीबीआई ने पूछे हैं जो ट्विशा के केस से संबंधित हैं। सीबीआई के अधिकारियों के साथ-साथ घर में एसआईटी की टीम भी मौजूद है। इसके साथ ही सीबीआई की तकनीकी टीम भी घर में मौजूद है।
एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है
इससे पहले CBI ने कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा के अंतिम घंटों को फिर से रचने के लिए 'टनल व्यू' जांच पद्धति का इस्तेमाल किया. जांच एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है, ताकि ट्विशा के आखिरी समय की हर गतिविधि को समझा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि कौन कब घर में आया या गया. इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और इंटरनेट रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रद्द की थी जमानत याचिका
CBI ने इस सप्ताह की शुरुआत में मध्यप्रदेश पुलिस से ट्विशा मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है. पेशे से वकील समर्थ सिंह इसके बाद से फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं. इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की दहेज मृत्यु के मामले में दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी. बुधवार को जारी आदेश में निचली अदालत द्वारा 15 मई के आदेश के जरिए दी गई राहत को रद्द कर दिया गया था. अदालत ने यह टिप्पणी की कि जमानत देते समय केस डायरी और गवाहों के बयानों से जुड़े अहम तथ्यों पर ठीक से विचार नहीं किया गया था।
ट्विशा शर्मा केस की टाइमलाइन
ट्विशा शर्मा ने 12 मई को ससुराल में दी थी जान
13 मई को परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या हुई
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर एफआईआर की मांग को लेकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
इसके बाद परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की
भोपाल कोर्ट से याचिका हो गई खारिज
परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर सीएम से मुलाकात की
दोबारा पोस्टमार्टम के लिए परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई
हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश दिए
सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी
दिल्ली एम्स की टीम ने ट्विशा शर्मा के शव का किया पोस्टमार्टम
सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में संज्ञान लिया
इसके बाद ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने सरेंडर किया
सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की
हाईकोर्ट से गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज
समर्थ सिंह को भी लेकर पहुंची थी सीबीआई
दरअसल, गिरिबाला सिंह पूछताछ से पहले सीबीआई की टीम समर्थ सिंह को भी लेकर घर पहुंची थी। बताया जाता है कि गिरिबाला और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई थी। कोर्ट में पेशी के बाद गिरिबाला सिंह को सीबीआई रिमांड पर ले सकती है।
उठ रहे हैं कई सवाल
वहीं, ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर कई सवाल हैं। इसमें सबसे अहम सवाल उसकी मौत की टाइमिंग को लेकर है। पुलिस की डायरी में मौत की टाइमिंग कुछ और है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में कुछ और टाइम दर्ज है। ऐसे में तमाम तकनीकी साक्ष्यों की जांच को इकट्ठा कर रही है। एसआईटी ने भी अभी तक की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। इसके बाद सीबीआई अपने तरीके से जांच कर रही है।
ट्विशा शर्मा मौत मामला: अब तक की बड़ी बातें
- 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा मृत पाई गईं थी.
- शुरुआती जांच में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन परिवार ने साजिश और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया.
- पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और क्रूरता की धाराओं में मामला दर्ज हुआ.
- मामले की गंभीरता और विवाद के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई.
- सीबीआई ने भोपाल पहुंचकर केस दोबारा दर्ज किया और सभी दस्तावेज, डिजिटल सबूत व फोरेंसिक रिपोर्ट अपने कब्जे में ली
- एजेंसी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घर की जांच और क्राइम सीन को समझने की प्रक्रिया शुरू की
- जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं
- सुप्रीम कोर्ट ने मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई को केस सौंपा
- सीबीआई ने पति और सास से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए और जांच को आगे बढ़ाया।
- ताजा कार्रवाई में सीबीआई ने सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जिससे मामले में जांच तेज हो गई है
जस्टिस देव नारायण मिश्रा ने भोपाल की एक सत्र अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया. उन्होंने यह टिप्पणी की कि निचली अदालत केस डायरी, गवाहों की गवाही और व्हाट्सअप बातचीत जैसे अहम सबूतों की ठीक से जांच करने में नाकाम रही।
हाई कोर्ट ने मामले की समीक्षा करने के बाद पाया कि इस आदेश में गंभीर कमियां थीं. बेंच ने यह भी पाया कि ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी में दर्ज गवाहों की अहम गवाही और दस्तावेजी सबूतों को नजरअंदाज कर दिया था, जो सिंह की कथित संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे थे।
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं. शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध नजरन आने पर परिवार ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना, दहेज की मांग और लगातार उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद भोपाल पुलिस ने 15 मई को दहेज मृत्यु और क्रूरता से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
