CISF से एयरफोर्स तक तैनात, आखिर कैसे सुरक्षित तरीके से 551 शहरों तक पहुंचाया जाएगा NEET का पेपर?

नई दिल्ली

NEET 2026 री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय सामग्री की सुरक्षित ढुलाई सुनिश्चित करने के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है.सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को इस पूरी प्रक्रिया में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है.सरकार का लक्ष्य है कि परीक्षा सामग्री पूरी तरह सुरक्षित तरीके से देशभर के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे और किसी भी तरह की गड़बड़ी या सुरक्षा चूक की संभावना न रहे। 

प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने परीक्षा सामग्री की ढुलाई और निगरानी के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा कवर तैयार किया है. इसके तहत प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय दस्तावेजों की पैकिंग, परिवहन और वितरण के दौरान CRPF और CISF के जवान लगातार सुरक्षा घेरा बनाए रखेंगे.परीक्षा से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर गोपनीयता से समझौता न हो। 

551 शहरों तक कैसे पहुंचेगा NEET का पेपर?
इस बार परीक्षा सामग्री को देशभर में पहुंचाने के लिए बड़े
स्तर का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार किया गया है. प्रश्नपत्रों को सबसे पहले हैदराबाद और अहमदाबाद स्थित प्रमुख केंद्रों से भेजा जाएगा.इसके बाद एयर और रोड ट्रांसपोर्ट के संयुक्त नेटवर्क के जरिए सामग्री को देश के लगभग 551 हब शहरों तक पहुंचाया जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया को हब एंड स्पोक मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों तक भी समय पर सामग्री पहुंच सके। 

वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों का होगा इस्तेमाल
सूत्रों का कहना है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षित और तेज ढुलाई के लिए भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं. परीक्षा सामग्री के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान भी यात्रा करेंगे.इन जवानों का पूरा विवरण पहले ही रक्षा मंत्रालय को उपलब्ध कराया गया है ताकि उनके लिए आवश्यक यात्रा अनुमति और सुरक्षा मंजूरी समय पर जारी की जा सके। 

यात्रा से पहले जमा करने होंगे हथियार
सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात CAPF जवानों के लिए विशेष प्रोटोकॉल भी तय किया गया है. जो जवान सैन्य विमानों या हेलिकॉप्टरों में यात्रा करेंगे उन्हें उड़ान से पहले अपने सरकारी हथियार जमा कराने होंगे.यात्रा के दौरान हथियार सुरक्षित स्थान पर रखे जाएंगे और गंतव्य तक पहुंचने के बाद संबंधित जवानों को वापस सौंप दिए जाएंगे। 

11 जून से शुरू हुई प्रश्नपत्र पहुंचाने की प्रक्रिया
परीक्षा सामग्री को विभिन्न राज्यों और शहरों तक पहुंचाने का काम 11 जून से शुरू हो चुका है. अगले कई दिनों तक लगातार प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री निर्धारित केंद्रों तक भेजी जाएगी.सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासनिक टीमें इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही हैं ताकि निर्धारित समय के भीतर सभी केंद्रों पर सामग्री पहुंच जाए। 

परीक्षा खत्म होते ही शुरू होगा रिवर्स ऑपरेशन
सिर्फ प्रश्नपत्र पहुंचाना ही नहीं बल्कि परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं और अन्य दस्तावेजों को वापस सुरक्षित तरीके से लाना भी इस मिशन का हिस्सा है.21 जून को परीक्षा समाप्त होने के बाद उसी शाम से OMR उत्तर पुस्तिकाओं और अन्य परीक्षा सामग्री को एकत्र करने का अभियान शुरू हो जाएगा. इसके लिए भी अलग से सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। 

हर स्‍टेप पर रहेगी कड़ी निगरानी
परीक्षा सामग्री के प्रस्थान से लेकर केंद्रों तक पहुंचने और फिर OMR शीट्स की वापसी तक पूरी प्रक्रिया पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहेगी. परिवहन, भंडारण और वितरण के हर चरण को संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी की जा रही है.अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सके। 

देश के सबसे बड़े परीक्षा अभियानों में से एक
21 जून को होने वाला NEET 2026 री-एग्जाम देश के सबसे बड़े परीक्षा अभियानों में से एक माना जा रहा है. लाखों अभ्यर्थियों से जुड़ी इस परीक्षा के लिए सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासन, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और रक्षा संस्थानों के बीच व्यापक समन्वय स्थापित किया गया है.केंद्र सरकार का मानना है कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकता है।