पेट्रोल बम हमले के आरोपियों का 4 राज्यों से कनेक्शन, ATS ने तेज की जांच
रांची
रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला मामले में एटीएस ने रविवार को रांची जिले के चुटिया में दर्ज कांड का प्रभार ले लिया है। इस केस को टेकओवर करते हुए एटीएस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। जांच के क्रम में ही एटीएस के अधिकारियों की टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची।
घटना की रात आरएसएस कार्यालय में मौजूद लोगों, आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। अपराधियों के आने-जाने वाले मार्ग की भी जानकारी ली, ताकि अपराध की जांच की कड़ियों को जोड़ा जा सके। टीम ने पेट्रोल बम से हमले से जुड़े साक्ष्य को संकलित की है। एटीएस की जांच टीम ने आरएसएस कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है।
रांची पुलिस व एटीएस की जांच में गिरफ्तार तीनों ही आरोपितों का चार राज्यों से कनेक्शन जुड़ा है, जिनमें झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली व मुंबई शामिल है।
जांच टीम आरोपितों के विदेश से आने-जाने, संदिग्धों से मुलाकात, संबंधित राज्यों के अन्य सहयोगियों से मुलाकात सहित उनकी ट्रेवेल हिस्ट्री को खंगाल रही है। जांच टीम को उम्मीद है कि आरोपितों की ट्रेवेल हिस्ट्री जांच की कड़ी को आगे बढ़ाएगी।
अमन का जब्त हुआ है पासपोर्ट, इंटरनेट प्लेटफार्म को भी खंगाल रही एटीएस
आरएसएस कार्यालय पर हमला मामले में रांची पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों में सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू व सायम सुजान शामिल हैं। तीनों ही मूल रूप से लोहरदगा के निवासी हैं। इन तीनों ही आरोपितों में एक आरोपित अमन अंसारी उर्फ गोलू का विदेश कनेक्शन सामने आया। पुलिस ने उसके पासपोर्ट को जब्त किया था।
अमन का यह पासपोर्ट उसके पिता स्व. सनोफ अंसारी के निधन के बाद उसके सौतेले पिता नसीम खान ने 2022 में बनवाया था। अमन दुबई में काम करने गया था और वहीं पर उसके दिमाग में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की खौफनाक साजिश भरी गई। एटीएस सभी आरोपितों के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म को भी खंगाल रही है, जिसके माध्यम से तीनों व उनके अन्य सहयोगी जुड़े थे।
एटीएस इन तीनों ही आरोपितों से जुड़े अन्य सहयोगियों का डेटा भी खंगाल रही है। तीनों ही आरोपितों को एक बार फिर रिमांड पर लेकर एटीएस उनके संदिग्ध सहयोगियों का सत्यापन कराएगी।
16 जून की रात हुई थी घटना, तीन आरोपित हुए थे गिरफ्तार
16 जून की रात चुटिया के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला हुआ था। इस मामले में चुटिया थाने में 17 जून को कांड संख्या 85/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच के क्रम में पुलिस ने कोडरमा के पास गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से सैफ अंसारी व अमन अंसारी उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया था।
सैफ अंसारी लोहरदगा के बगरू मोड़, ईमली मोड़ के पास बड़ा तलाब का निवासी है, जबकि अमन अंसारी उर्फ गोलू भी लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती का रहने वाला है। दोनों ने पूछताछ में अपने तीसरे साथी सायम सुजान का नाम लिया, जिसकी गिरफ्तारी रांची से हुई थी।
सायम सुजान भी लोहरदगा के पत्थलकुदवा स्थित फुलबगान का निवासी है। गिरफ्तार आरोपित सैफ अंसारी 18 जून को कोतवाली थाना परिसर से भाग गया था, जिससे चान्हो थाना क्षेत्र में पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद सैफ फिर से पकड़ा गया था।
इस मामले में उसके विरुद्ध रांची के कोतवाली में हाजत से भागने व चान्हो में पुलिस का हथियार छिनने व मुठभेड़ मामले में भी अलग-अलग दो प्राथमिकियां दर्ज हैं। सैफ न्यायिक हिरासत में इलाजरत है, जबकि दो अन्य सहयोगी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं।
दुबई के भट्ठी व राणा, मुंबई के जिशान व अमृतसर के बीर का भी सत्यापन
इस पूरे प्रकरण में एटीएस जांच के क्रम में चार संदिग्धों का सत्यापन कर रही है। इनमें दुबई के शहबाज आलम उर्फ भट्टी व राणा हुसैन, मुंबई के ट्रेवेल एजेंट जिशान तथा अमृतसर के बीर शामिल हैं। जांच व आरोपितों से पूछताछ में इनके नाम सामने आए हैं
गिरफ्तार आरोपित अमन एसी तकनीशियन के काम के सिलसिले में दुबई गया था और वहां उसकी मुलाकात शहबाज आलम उर्फ भट्टी व राणा हुसैन से हुई थी। दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आइएसआइ) व आतंकी संगठन तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े थे। दोनों ने अमन अंसारी का ब्रेनवाश किया और हिंदुस्तान में आतंक फैलाने का टास्क सौंपा।
जिशान मुंबई का ट्रेवेल एजेंट है, जिसके माध्यम से अमन ओमान व दुबई जा चुका है। जांच में अमृतसर के बीर का नाम आया है, जो आतंकियों के संपर्क में था। सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर एक-दूसरे से जुड़े थे।
उनकी योजनाओं से संबंधित जानकारी भी जांच टीम को मिली है, जिसका सत्यापन चल रहा है। आरएसएस कार्यालय पर हमला से संबंधित वीडियो दुबई के भट्टी को भेजे जाने संबंधित सबूत भी मिले हैं, जिसके बाद जांच की कड़ी विदेशी कनेक्शन पर आगे बढ़ी है।
