बिहार में 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई, 700 मॉडल स्कूलों में 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा

 पटना
 शहर का कचरा अब सिर्फ सफाई की चुनौती नहीं, कमाई का जरिया भी बनेगा। खेतों के फीडर सूरज की ऊर्जा से चलेंगे।

गांधी जयंती पर बापू टावर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, पर्यावरण और शिक्षा से जुड़े लक्ष्यों को सामने रखा।

उन्होंने कहा कि पटना के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से करीब 50 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी बनाई गई है और कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि फीडरों के लिए सरकार 5,500 करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है।सोलराइजेशन से किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी खर्च कम करने में मदद मिलेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि बिहार के सभी 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में 700 मॉडल स्कूलों में करीब 3.5 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। विद्यार्थी साथी एप के माध्यम से इन विद्यार्थियों को 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा मिल रही है।

शिक्षा के साथ विरासत पर काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार शिक्षा के साथ संस्कृति और विरासत के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों के लिए बिहार के विशेषज्ञों और सलाहकारों की सेवाएं ली जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने पद्मश्री से सम्मानित ब्रह्मदेव पंडित द्वारा निर्मित गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। वहीं, ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली शुरू करने के साथ सत्याग्रह पत्रिका का विमोचन किया।

उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता जैसे गांधीवादी मूल्यों को विकास योजनाओं से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने बापू टावर को गांधी के जीवन, विचारों और संघर्षों को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नमन करते हुए कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी का जीवन सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।

समारोह में भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, गांधीवादी विचारक रामजी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और बापू टावर के निदेशक विनय कुमार समेत अन्य मौजूद रहे। परिवर्तन समूह के कलाकारों ने गांधी भजन और लोकगीतों को पेश कर कार्यक्रम को यादगार बनाया।