भोपाल गोलीकांड: छत पर नहीं, घर के अंदर चली थी गोली; सायरा खान के बयान से नया मोड़
भोपाल
राजधानी भोपाल के टीला जमालपुरा इलाके में सायरा को गोली लगने के मामले में नया मोड़ सामने आया है. गोली लगने से घायल महिला ने अब घटना को लेकर अपने पहले बयान से अलग दावा किया है. महिला का कहना है कि उसे छत में टहलने के दौरान गोली नहीं लगी थी, बल्कि उसके घर में रखी पिस्टल से गलती से फायर होने के कारण गोली उसके पैर में लगी थी. महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद सदमे और घबराहट की स्थिति में पुलिस ने उससे बयान दर्ज किए थे, जबकि उस समय वह सही तरीके से अपनी बात रखने की स्थिति में नहीं थी. सायरा के नए दावे के बाद मामले की जांच और घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, टीला जमालपुरा इलाके में हैदर टावर की पांचवीं मंजिल पर रहने वाली महिला को गोली लगी थी. घटना के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शुरुआती जानकारी में सामने आया था कि महिला छत पर टहल रही थी, इसी दौरान अचानक उसके पैर में गोली लगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी. अब महिला ने घटना को लेकर अलग कहानी बताई है, जिससे जांच का रुख अहम हो सकता है।
सायरा खान बोली- घर में हंसी-मजाक के दौरान चली गोली
सायरा खान के नए बयान के मुताबिक, घटना के समय वह अपने फ्लैट में परिवार के लोगों के साथ बैठी हुई थी. घर में हंसी-मजाक का माहौल था. इसी दौरान उसने घर में रखी पिस्टल को मस्ती में उठा लिया. महिला का दावा है कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि पिस्टल में गोली भरी हुई है।
इसी दौरान ट्रिगर दबने से फायर हो गया और गोली उसके पैर में जा लगी. महिला का कहना है कि गोली लगने के बाद परिवार के लोग उसे तत्काल उठाकर अस्पताल ले गए।
सायरा खान ने दावा किया है कि उसे अस्पताल ले जाने के दौरान का घटनाक्रम घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर में रिकॉर्ड हुआ है. उसके मुताबिक, पुलिस ने घर पहुंचकर डीवीआर की जांच भी की थी।
हालांकि, महिला के इस दावे और सीसीटीवी फुटेज में क्या सामने आया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. मामले में पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकेंगे।
'घबराहट में दिया था बयान, उस समय हालत ठीक नहीं थी'
सायरा का कहना है कि गोली लगने के बाद वह सदमे में थी और मानसिक रूप से परेशान थी. उसके मुताबिक, उस समय वह ठीक तरह से बयान देने की स्थिति में नहीं थी. महिला ने दावा किया कि पुलिस ने उससे बार-बार पूछताछ कर बयान दर्ज किए. घबराहट के कारण उसने उस समय बताया था कि वह गली में टहल रही थी, तभी उसके पैर में गोली लगी. अब महिला अपने पहले बयान को गलत बताते हुए कह रही है कि गोली उसके फ्लैट में रखी पिस्टल से गलती से चली थी।
सायरा खान का आरोप है कि उसने पुलिस से दोबारा बयान दर्ज करने का अनुरोध किया था, लेकिन उस समय उसकी बात नहीं मानी गई. महिला के मुताबिक, हाल ही में पुलिस से बातचीत के दौरान उसने फिर अपनी बात रखी और कहा कि अब वह घटना के संबंध में विस्तार से बयान देने की स्थिति में है. महिला का यह भी दावा है कि पुलिस ने उसे गलत बयान देने के मामले में मुकदमा दर्ज करने की बात कही. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है।
चौबी मलिक कश का बचाव, बोली- गोली चलाने का उद्देश्य नहीं था
महिला ने अपने नए दावे में चौबी मलिक कश का बचाव भी किया है. महिला का कहना है कि गोली चलाने के पीछे उनका उद्देश्य उसे नुकसान पहुंचाना नहीं था. उसके मुताबिक, घर में रखी पिस्टल से गलती से फायर हुआ था. महिला ने पुलिस से निष्पक्ष जांच करने और उसकी वर्तमान स्थिति के अनुसार दोबारा बयान दर्ज करने की मांग की है. महिला के पहले बयान और अब सामने आए नए दावे में अंतर होने के कारण मामले में घटनाक्रम की पुष्टि करना पुलिस के लिए अहम होगा।
एसीपी बोले- दोबारा महिला बयान देगी तो दर्ज करेंगे
मामले को लेकर भोपाल पुलिस के एसीपी अनिल बाजपेई ने बताया कि पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर घटनास्थल का मुआयना कर लिया है. घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल मोबाइल टीम को भी भेजा गया था, जिसने मौके पर जांच की. पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना कर रही है।
महिला के बयान बदलने के संबंध में एसीपी अनिल बाजपेई ने कहा कि यदि महिला दोबारा बयान देती है, तो पुलिस उसके बयान फिर से दर्ज करेगी. विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के इस बयान के बाद अब महिला के नए दावे, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सीसीटीवी और फोरेंसिक जांच
फिलहाल, मामले में महिला के पहले बयान और अब सामने आए दावे के बीच अंतर है. एक ओर महिला घर में रखी पिस्टल से गलती से गोली चलने की बात कह रही है, वहीं पुलिस घटनास्थल का मुआयना करने और एफएसएल मोबाइल टीम से जांच कराने की जानकारी दे रही है. ऐसे में पिस्टल, फोरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयानों की जांच अहम होगी।
