1929 में बसे पटना न्यू मार्केट का बदलेगा स्वरूप, PPP मॉडल पर 498 करोड़ रुपये होंगे खर्च

पटना
 Patna New Market: राजधानी पटना के शहरी विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है।

केंद्र सरकार ने 498.40 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 'पटना न्यू मार्केट पुनर्विकास परियोजना' को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।

मुख्‍यमंत्री ने एक्‍स पर साझा की जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स के जरिए यह जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) माडल पर आधारित इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न मात्र न्यू मार्केट क्षेत्र का कायाकल्प होगा, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को भी कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजधानी पटना को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त शहर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस परियोजना की मंजूरी से पटना के शहरी विकास को एक नई गति मिलेगी।

बता दें कि पटना न्‍यू मार्केट राजधानी का एक प्रमुख ठिकाना है। इसे अंग्रेजों के समय 1929 में बसाया गया था। इसे एटूजेड मार्केट भी कहा जाता है क्‍योंक‍ि यहां घरेलू जरूरत का हर सामान म‍िलता है।  

परियोजना की मुख्य विशेषताएं
    लागत : 498.40 करोड़ रुपये का निवेश।
    पीपीपी माडल : योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।
    आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएं : व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस कॉमर्शियल स्पेस तैयार होंगे।
    व्यवस्थित वेंडिंग जोन : सड़क किनारे दुकान लगाने वालों के लिए एक व्यवस्थित वेंडिंग जोन का निर्माण किया जाएगा।
    पार्किंग और सुगम यातायात : शहर की मुख्य समस्या से निपटने के लिए बेहतर पार्किंग व्यवस्था और सुचारू ट्रैफिक प्लान लागू होगा।

 

You may have missed